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बार-बार साफ करने के बाद भी गीला रहता है बाथरूम? बिना तोड़-फोड़ करें ये आसान उपाय, दूर होगी फिसलन

सफाई के बाद भी अगर बाथरूम का फर्श गीला रहता है, पैर फिसलते हैं या सीवर की बदबू आती है, तो समस्या गंदगी की नहीं बल्कि गलत डिजाइन की हो सकता है. बिना लाखों रुपये खर्च किए अपने छोटे बाथरूम में 'वेट जोन' (शॉवर एरिया) और 'ड्राई जोन' को अलग करने का तरीका जानें.

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बाथरूम के बार-बार गीले होने की वजह उसका गलत डिजाइन भी हो सकता है. (Photo: ITG)
बाथरूम के बार-बार गीले होने की वजह उसका गलत डिजाइन भी हो सकता है. (Photo: ITG)

सुबह-सुबह बाथरूम में पैर रखते ही अगर फर्श गीला मिले, दो कदम चलते ही फिसलने का डर लगे और सफाई के कुछ देर बाद भी सीवर जैसी बदबू आने लगे, तो लोग सफाई को जिम्मेदार ठहराने लगते हैं. खुद को दोष देते हैं और सोचते हैं कि उन्होंने ही बीते दिन सफाई में कुछ कमी छोड़ी होगी, तभी बाथरूम गीला हो गया. इसके साथ ही कई बार लोग ये सोचते हैं कि बाथरूम बहुत छोटा है इसलिए बार-बार गीला हो जाता है. लेकिन जरूरी नहीं कि समस्या सफाई या साइज की हो. कई बार ये परेशानी बाथरूम के गलत डिजाइन और चीजों को गलत जगह पर रखने से होती है. यानी जहां पानी गिरना चाहिए और जहां फर्श सूखा रहना चाहिए, दोनों के लिए अलग जगह ही तय नहीं की गई होती.

यही वजह है कि छोटा बाथरूम जरूरत से ज्यादा भरा-भरा, गीला और घुटनभरा महसूस होने लगता है. अच्छी बात ये है कि इसके लिए हर बार पूरा बाथरूम तोड़कर नया बनवाने या लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती. कुछ छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देकर बाथरूम में वेट जोन और ड्राई जोन को अलग किया जा सकता है.

सबसे पहले समझिए वेट जोन और ड्राई जोन क्या है
बाथरूम को आसान तरीके से दो हिस्सों में बांट सकते हैं. जहां शॉवर से पानी गिरता है, उसे वेट जोन कहते हैं. वहीं कमोड, वॉश बेसिन और बाथरूम का बाकी हिस्सा ड्राई जोन होता है, जिसे ज्यादा से ज्यादा सूखा रखना चाहिए.

परेशानी तब होती है जब पूरे बाथरूम में एक जैसी फ्लोरिंग होती है और शॉवर का पानी पूरे फर्श पर फैल जाता है. इससे बाथरूम का फर्श हमेशा गीला रहता है और वहां चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है.

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शॉवर एरिया में ऐसी टाइल लगाएं, जिस पर पैर न फिसले
बाथरूम में पैर फिसलने की सबसे बड़ी वजह गीला और चिकना फर्श हो सकता है. खासकर शॉवर एरिया में अगर चमकदार टाइल लगी है, तो पानी पड़ने के बाद फिसलने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए शॉवर एरिया में मैट फिनिश और थोड़ी खुरदरी एंटी-स्किड टाइल लगाना बेहतर होता है. इस पर पानी पड़ने के बाद भी पैरों की पकड़ बनी रहती है और फिसलने का खतरा कम होता है.

इसके अलावा बाथरूम के फर्श का ढलान भी सही होना चाहिए. फर्श थोड़ा ड्रेन यानी नाली की तरफ ढलान वाला हो, ताकि पानी इधर-उधर फैलने के बजाय सीधे नाली में चला जाए.

पूरा ग्लास लगाने की जरूरत नहीं, आधी स्क्रीन से भी चलेगा
कई लोगों को लगता है कि वेट और ड्राई जोन को अलग करने के लिए पूरे शॉवर एरिया में ग्लास लगाना जरूरी है. लेकिन छोटे या कम बजट वाले बाथरूम में ऐसा करना जरूरी नहीं है.

अगर शॉवर दीवार या कोने के पास है, तो उसके सामने आधी ग्लास स्क्रीन लगाई जा सकती है. इसमें करीब 8 mm का टफन्ड ग्लास शावर की एक तरफ लगा होता है, जबकि दूसरी तरफ से आने-जाने की जगह खुली रहती है. इससे शॉवर का पानी पूरे बाथरूम में फैलने से काफी हद तक रुक जाता है और बाथरूम बंद-बंद भी नहीं लगता. यानी पानी भी कंट्रोल में रहता है और जगह भी खुली दिखती है.

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शॉवर स्क्रीन के नीचे करीब 4 इंच का छोटा सा एज या कर्व भी बनवाया जा सकता है. इससे पानी उसी हिस्से में रहता है और बाहर फैलने का खतरा कम होता है. दिए गए अनुमान के मुताबिक, ऐसी आधी ग्लास स्क्रीन और कर्व का काम करीब ₹7,000 के अंदर हो सकता है. हालांकि, कीमत शहर, ग्लास और फिटिंग के हिसाब से अलग हो सकती है.

सफाई के बाद भी सीवर जैसी बदबू आए तो ड्रेन चेक करें
अगर बाथरूम साफ करने के आधे घंटे बाद ही सीवर जैसी बदबू आने लगे, तो इसकी वजह हमेशा गंदगी नहीं होती. कई बार जिस ड्रेन का इस्तेमाल लंबे समय से नहीं हुआ हो, उसमें नीचे जमा पानी सूख जाता है. यही पानी सीवर की बदबू को ऊपर आने से रोकता है. पानी सूख जाने पर बदबू बाथरूम में आने लगती है.

इससे बचने के लिए कम इस्तेमाल होने वाले ड्रेन में समय-समय पर थोड़ा पानी डालते रहें. नया बाथरूम बनवाते समय ड्रेन में सही ट्रैप लगवाना भी जरूरी है, ताकि सीवर की गैस अंदर न आ सके.

सिर्फ वेट जोन अलग करने से नमी की समस्या खत्म नहीं होगी
मान लीजिए शॉवर का पानी अब पूरे बाथरूम में नहीं फैल रहा, लेकिन फिर भी शीशे पर पानी की बूंदें जम रही हैं, दीवारें गीली हैं और तौलिया भी नम लग रहा है. इसका मतलब है कि बाथरूम में नमी फंस रही है.

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इसलिए सिर्फ पानी को रोकना ही काफी नहीं है, बल्कि बाथरूम की भाप और नमी को बाहर निकालना भी जरूरी है. इसके लिए एग्जॉस्ट फैन की जगह बहुत मायने रखती है. कोशिश करें कि एग्जॉस्ट शॉवर एरिया के आसपास हो, क्योंकि भाप और नमी सबसे ज्यादा वहीं बनती है. इससे नमी और बदबू को बाहर निकालने में मदद मिलेगी. नहाने के बाद कुछ देर तक एग्जॉस्ट चलाने के लिए टाइमर स्विच भी लगाया जा सकता है. इससे फैन कुछ समय बाद अपने आप बंद हो जाएगा.

सामान इधर-उधर रखने से भी छोटा दिखता है बाथरूम
कई बार बाथरूम छोटा इसलिए भी लगता है क्योंकि सामान सही जगह पर नहीं रखा होता. सिंक पर टूथपेस्ट और क्रीम का ढेर, फर्श पर बाल्टी-मग और शॉवर के पास कई बोतलें बाथरूम को भरा-भरा दिखाती हैं. इसलिए कोशिश करें कि हर सामान की एक फिक्स जगह हो.

रोज इस्तेमाल होने वाली चीजें मिरर के पीछे बने कैबिनेट में रख सकते हैं. बाल्टी, मग और सफाई का सामान वॉश बेसिन के नीचे बने कैबिनेट में रखा जा सकता है. शॉवर के पास शैंपू और साबुन जैसी चीजों के लिए दीवार पर छोटी शेल्फ लगाई जा सकती है.

अगर जगह हो तो दीवार के अंदर छोटी सी शेल्फ यानी रिसेस्ड नीच भी बनवाई जा सकती है. इससे सामान रखने के लिए बाथरूम में अलग से ज्यादा जगह नहीं घेरनी पड़ेगी.

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40 स्क्वायर फीट का बाथरूम भी खुला-खुला लग सकता है
बाथरूम छोटा होना हमेशा परेशानी नहीं है. दिक्कत तब बढ़ती है जब शॉवर का पानी हर तरफ फैले, नमी बाहर न निकले, सामान इधर-उधर रखा हो और फर्श पर फिसलने का डर हो. इससे छोटी जगह और भी छोटी लगती है.

वहीं अगर छोटे बाथरूम में वेट जोन, ड्राई जोन और सामान रखने की जगह सही तरीके से तय कर दी जाए, तो वही जगह ज्यादा साफ-सुथरी और खुली लग सकती है.

इसलिए अगर बाथरूम साफ करने के बाद भी फिसलन, बदबू या घुटन की समस्या रहती है, तो हर बार सफाई को जिम्मेदार न मानें. एक बार ये भी देखें कि बाथरूम की जगह और सामान की व्यवस्था सही है या नहीं. कई बार परेशानी गंदगी की नहीं, गलत डिजाइन की होती है.

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