एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि शारीरिक तौर पर सक्रिय रहने वाले बुजुर्गों की याददाश्त सुस्त रहने वाले वृद्धों की तुलना में ज्यादा समय तक अच्छी रहती है. अमेरिका के बॉस्टन स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिक स्कॉट हेस के अनुसार, 'शारीरिक गतिविधियों का याददाश्त के साथ सकारात्मक रूप से जुड़ाव होता है.'
उनके अनुसार, यह हर कोई जानता है कि मोटापा, उच्च रक्तचाप और दिल से जुड़ी बीमारियों को दूर रखने में मददगार होती हैं. इस शोध के बाद लोगों को इस ओर अधिक से अधिक प्रेरित किया जा सकेगा.
इस अध्ययन में 55-82 साल के 31 बुजुर्गो को शामिल किया गया था. इन लोगों ने 'एक्टीग्राफ' नामक एक छोटा उपकरण पहन रखा था, इसी के साथ इनकी याददाश्त की क्षमता का भी आकलन किया जा रहा था.
इस अध्ययन के बाद सामने आया कि शारीरिक गतिविधियां याददाश्त को लंबे समय तक दुरुस्त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं.
इनपुट: IANS