बेंगलुरु के थिरुमेनहल्ली इलाके में एक खाली प्लॉट की सफाई के दौरान महिला का शव मिलने का मामला सामने आया है. प्लॉट में काफी समय से घनी वनस्पति और झाड़ियां उगी हुई थीं. सफाई के लिए करीब 5-6 मजदूर मौके पर पहुंचे थे. मजदूरों ने जब सफाई शुरू की तो वे करीब आधे हिस्से की झाड़ियां ही साफ कर पाए थे. इसी दौरान उन्हें प्लॉट के अंदर एक बेड दिखाई दिया. स्थानीय निवासी गणेश के मुताबिक, शुरुआत में मजदूरों को लगा कि बेड या उसके अंदर रखा सामान कचरे का हिस्सा है और इसे हटाना है. जब वे बेड को हटाने के लिए आगे बढ़े तो उसमें से एक पैर बाहर निकला दिखाई दिया. इसके बाद मजदूर डर गए और उन्होंने स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी दी. स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मौके पर सम्पीगेहल्ली पुलिस स्टेशन की टीम के साथ फॉरेंसिक टीम भी पहुंची. पुलिस ने जांच के बाद पुष्टि की कि बेड के अंदर महिला का शव था.
स्थानीय निवासी गणेश ने बताया कि शव को बेड में लपेटकर और रस्सी से बांधकर वहां छोड़ा गया था. उनके मुताबिक, पुलिस की शुरुआती जानकारी में शव के एक महीने से ज्यादा समय से वहां पड़े होने की बात सामने आई. गणेश ने बताया कि जिस साइट पर शव मिला, उसे करीब 15 साल पहले खरीदा गया था. हालांकि, काफी समय से मालिकों ने वहां आकर सफाई नहीं कराई थी. हाल ही में BBMP/GBA की ओर से साइट की सफाई को लेकर नोटिस जारी किया गया था. इसके बाद मजदूरों को सफाई के लिए भेजा गया और इसी दौरान महिला का शव बरामद हुआ.
कपड़ों के टैग से हुई महिला की पहचान
पुलिस जांच में मृतका की पहचान 28 वर्षीय अनुसूया के रूप में हुई, जो मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली थी. जांच के दौरान उसके कपड़ों पर लगे टैग से पुलिस को अहम सुराग मिला. टैग के आधार पर उस कपड़े की खरीद से जुड़ी जानकारी जुटाई गई, जिसके बाद मृतका की पहचान करने में मदद मिली. जांच के दौरान पुलिस ने उसके परिचितों और होटल में काम करने वाले लोगों से भी पूछताछ की.
पुलिस के मुताबिक, अनुसूया अपने पति सागर चंद्र रावत के साथ बेंगलुरु में रहती थी. दोनों करीब दो साल पहले लव मैरिज के बाद साथ रहने लगे थे. बताया गया कि दोनों अलग-अलग होटलों में काम करते थे और सागर एक होटल में किचन सुपरवाइजर था. पुलिस को जांच के दौरान पता चला कि दोनों के बीच पैसों को लेकर अक्सर विवाद होता था. 11 अगस्त को अनुसूया कथित तौर पर उस होटल में गई थी, जहां उसका पति काम करता था. वहां उसने अपनी सैलरी को लेकर पति से बात की. इसके बाद दोनों घर लौटे और घर पर भी विवाद जारी रहा. पुलिस का आरोप है कि इसी विवाद के दौरान सागर ने अनुसूया की गला दबाकर हत्या कर दी.
जांच के मुताबिक, पुलिस को शक है कि हत्या के बाद सागर ने शव को करीब तीन दिन तक घर में रखा. इसके बाद शव को बेडशीट में लपेटकर खाली प्लॉट में ले जाकर छोड़ दिया गया. स्थानीय निवासी गणेश के मुताबिक, शव बेड के अंदर रखा गया था और रस्सी से बांधा गया था. हालांकि, शव वहां कैसे पहुंचाया गया और बेड को प्लॉट के अंदर किस तरह रखा गया, इसकी पूरी जानकारी पुलिस जांच का हिस्सा है. पुलिस को यह भी शक है कि आरोपी शव को वहां छोड़ने के बाद कई दिनों तक इलाके में आकर यह देखने की कोशिश करता रहा कि शव किसी को मिला या नहीं.
शव मिलने के समय तक वह काफी खराब स्थिति में पहुंच चुका था. बताया गया कि शरीर के कुछ हिस्सों को आवारा कुत्तों ने खींच लिया था. शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी. पुलिस ने शव की पहचान के लिए अलग-अलग सुराग जुटाए. इसी दौरान कपड़ों पर लगे टैग से पुलिस को अहम जानकारी मिली और जांच आगे बढ़ी. इसके बाद पुलिस ने होटल में काम करने वाले लोगों से पूछताछ की. पूछताछ में अनुसूया और उसके पति के बीच विवाद की जानकारी सामने आई. सागर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने का दावा किया.
पति सागर चंद्र रावत गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में अनुसूया के पति सागर चंद्र रावत को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में हत्या और शव को ठिकाने लगाने से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है. वहीं, स्थानीय निवासी गणेश ने बताया कि उन्हें पुलिस से यह जानकारी मिली है कि महिला के पति पर हत्या में शामिल होने का शक है. उन्होंने कहा कि अगर सफाई के लिए मजदूर साइट पर नहीं आते तो शव का पता लगाना मुश्किल हो सकता था. फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की पूरी परिस्थितियों, शव को प्लॉट तक पहुंचाने और आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.