scorecardresearch
 

सिद्धारमैया स्टिंग केस में पुलिस का बड़ा खुलासा, दिल्ली में खरीदा गया फोन, कुमारस्वामी के आवास पर हुई डिलीवरी

बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को निशाना बनाकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली में खरीदा गया था और केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के ऑफिशियल रेसिडेंस पर प्रज्वल प्रसाद नाम के व्यक्ति को सौंपा गया था.

Advertisement
X
सितंबर में कथित तौर पर YouTube पर दो वीडियो अपलोड किए गए थे, जिनमें सिद्धारमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए. (Photo: ITG)
सितंबर में कथित तौर पर YouTube पर दो वीडियो अपलोड किए गए थे, जिनमें सिद्धारमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए. (Photo: ITG)

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को टारगेट करने वाले कथित स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली से खरीदा गया था और इसे देश की राजधानी में केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के ऑफिशियल रेसिडेंस पर प्रज्वल प्रसाद नाम के शख्स को सौंपा गया था. बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने बताया कि केस में अरेस्ट आरोपी रितेश पांडे के स्टेटमेंट के मुताबिक प्रज्वल प्रसाद के निर्देशों पर विनोद शर्मा और रितेश पांडे ने दिल्ली के करोल बाग स्थित एक दुकान से मोबाइल खरीदा था.

इसके बाद दोनों ने यह फोन दिल्ली में कुमारस्वामी के ऑफिशियल रेसिडेंस पर जाकर प्रज्वल प्रसाद को हैंडओवर किया था. दिल्ली के रहने वाले पांडे को सोशल मीडिया पर कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड करने के सिलसिले में 24 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. वह इस मामले में गिरफ्तार होने वाले पहले व्यक्ति थे. बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने उन्हें दिल्ली में पकड़ा.

बता दें, सितंबर में कथित तौर पर YouTube पर दो वीडियो अपलोड किए गए थे, जिनमें सिद्धारमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे. इसके बाद कांग्रेस नेता ने अदालत का रुख किया और मीडिया को वीडियो पर रिपोर्टिंग करने से रोकने का इंजंक्शन प्राप्त किया. उन्होंने जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई.

यह मामला CCB पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, और पुलिस की कई टीमें कथित स्टिंग ऑपरेशन के अलग-अलग पहलुओं की जांच कर रही हैं.

Advertisement

पुलिस ने अब तक की अपनी जांच के आधार पर शर्मा और प्रसाद को नोटिस जारी किए हैं. हालांकि, दोनों फरार बताए जा रहे हैं. 

यह पूछे जाने पर कि क्या कुमारस्वामी को कोई नोटिस जारी किया गया है या क्या कथित ऑपरेशन में उनकी डायरेक्ट इन्वॉल्वमेंट साबित हुई है, कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह  ने कहा कि जांच अभी चल रही है और किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और JD(S) के वरिष्ठ नेता कुमारस्वामी ने इस मामले पर पुलिस अधिकारी और सत्ताधारी कांग्रेस पर पलटवार किया. उन्होंने कहा, 'वह कौन पुलिस कमिश्नर हैं, क्या वह पुलिस कमिश्नर हैं? उन्होंने ऐसे बयान दिए हैं जो एक हेड क्लर्क के लिए भी शोभा नहीं देते.'

उन्होंने कहा,  'मुझे पता है कि वह किसके प्रभाव में काम कर रहे हैं.' कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी अपनी पोजीशन बचाने के लिए यह सब कर रहे हैं और राज्य सरकार उनके खिलाफ मशीनरी का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement