कावेरी जल विवाद के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने अपना प्रस्तावित बेंगलुरु दौरा टालने पर सहमति जताई है. दोनों नेताओं के बीच सोमवार को कावेरी मुद्दे पर बातचीत होनी थी, लेकिन कर्नाटक में जारी विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए शिवकुमार ने विजय से फिलहाल दौरा टालने का अनुरोध किया था. शिवकुमार ने कहा कि इससे दोनों राज्यों के बीच बेहतर और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में मदद मिलेगी.
कावेरी मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक के बाद शिवकुमार ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के किसानों और लोगों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने 13 अगस्त को प्रस्तावित कर्नाटक बंद वापस लेने की अपील भी की. यह बंद कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) के उस आदेश के खिलाफ बुलाया गया है, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है. शिवकुमार के मुताबिक, बारिश की स्थिति में सुधार हुआ है और सभी राजनीतिक दलों ने सरकार के प्रयासों का समर्थन किया है, इसलिए बंद से कोई फायदा नहीं होगा.
शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में अब तक सामान्य बारिश का करीब 30 से 35 प्रतिशत ही हुई है और राज्य सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहा है. उन्होंने बताया कि काबिनी में 24,000 क्यूसेक, KRS में 22,000 क्यूसेक, हेमावती में 11,884 क्यूसेक और हरंगी में 10,430 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है. राज्य को पीने के पानी के लिए 40 TMC पानी सुरक्षित रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि फिलहाल पानी सिंचाई के लिए नहीं, बल्कि पीने के पानी की जरूरत वाले तालाबों को भरने के लिए छोड़ा जा रहा है.
मेकेदातु परियोजना को लेकर सीएम का बयान
मेकेदातु परियोजना को लेकर शिवकुमार ने कहा कि यह कावेरी विवाद का लंबे समय तक समाधान हो सकती है. उन्होंने दावा किया कि परियोजना से करीब 90 प्रतिशत फायदा तमिलनाडु को होगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कर्नाटक सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और कानून का सम्मान करते हुए अपने हितों की रक्षा करेगा.
विजय का दौरा टलने पर शिवकुमार ने कहा कि वह उनका सम्मान करते हैं और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद दोनों राज्यों को साथ मिलकर काम करना होगा. उन्होंने कहा, 'हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए. हमें साथ रहना और साथ काम करना है.