कर्नाटक में बीजेपी के विधान परिषद सदस्य एन रविकुमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किया गया है. यह कार्रवाई कोर्ट में पेश नहीं होने के कारण की गई है. मामला कलाबुरगी के डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है.
यह आदेश 42वें एसीजेएम कोर्ट के जज संदीप पाटिल ने जारी किया. अदालत में मामले की सुनवाई चल रही थी. रविकुमार को अदालत की ओर से समन भी भेजा गया था. इसके बावजूद वह सुनवाई के दौरान पेश नहीं हुए.
अदालत ने उनकी गैरहाजिरी को गंभीरता से लिया. इसके बाद उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया गया. अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी.
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पिछले साल दर्ज हुआ था मामला
दरअसल.. यह मामला पिछले साल स्टेशन बाजार पुलिस थाने में दर्ज किया गया था. बीजेपी MLC रविकुमार पर कलाबुरगी के डिप्टी कमिश्नर के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है.
मामले को लेकर रविकुमार की ओर से राहत पाने की कोशिश भी की गई थी. हालांकि कर्नाटक हाई कोर्ट ने पहले इस मामले में अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद निचली अदालत में मामले की कार्यवाही जारी रही.
कोर्ट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार रविकुमार को मामले की सुनवाई में उपस्थित होने के लिए समन दिया गया था. इसके बावजूद वह अदालत में पेश नहीं हुए. इसके बाद अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया.
गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई होगी. अगली सुनवाई 15 सितंबर को निर्धारित की गई है.
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क्या है पूरा मामला
दरअसल, BJP के नेता एन. रवि कुमार ने मुख्यमंत्री कार्यालय के अध्ययन सचिव शालिनी रजनीश के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि मुख्य सचिव सरकार के लिए रात भर काम करती हैं और पूरे दिन मुख्यमंत्री के लिए.
यह टिप्पणी सेक्सिस्ट और अपमानजनक बताई गई, जिस पर महिला अधिकार समूह ने DGP से शिकायत दर्ज करवाई और राज्य महिला आयोग और हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को भी पत्र लिखा था.
महिला संगठन की अध्यक्ष ने भाजपा MLC एन. रवि कुमार पर महिलाओं के अपमान का आरोप लगाया है. शिकायत में कहा गया कि एन. रवि कुमार की ओर से दिया गया बयान बेहद आपत्तिजनक, अपमानजनक और महिला समुदाय का अपमान करने वाला है.
उन्होंने आरोप लगाया थाकि रवि कुमार का बयान न केवल शालिनी रजनीश जैसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, बल्कि पूरे महिला समाज के लिए अपमान है. शिकायतकर्ता ने पुलिस से मांग की थी कि एन. रवि कुमार के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए.
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कई लोगों ने बीजेपी नेता के इस बयान को महिला विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया था. इसी मामले में कोर्ट में पेश न होने पर उनके खिलाफ नॉन बेलेबल वारंट जारी किया गया है.