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Desi Jokes: जब दादा-दादी ने याद किए जवानी के दिन, तो हुआ कुछ ऐसा कि पेट पकड़ कर हंसेंगे आप!

हंसी सबसे आसान और असरदार तनाव दूर करने का तरीका है. मजेदार जोक्स पढ़ने से चेहरे पर मुस्कान आती है, मन खुश रहता है और नकारात्मकता भी काफी हद तक दूर हो जाती है. आज (6 जुलाई) हम आपके लिए लेकर आए हैं जोक्स का खजाना, जिन्हें पढ़कर आपको आ जाएगी हंसी.

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देसी जोक्स
देसी जोक्स

>अध्यापक- किसी ऐसी जगह का नाम बताओ जहां पर
बहुत सारे लोग हों फिर भी तुम अकेला महसूस करो?
छात्र - परीक्षा कक्ष!

 

>डॉक्टर-  तुम्हारी एक किडनी फेल हो गई है.
मंटू- पहले तो बहुत रोया, फिर आसू पोंछकर बोला साहब ये भी बता दीजिए कि कितने नंबर से फेल हुई है...?

 

>ग्राहक- भाई , तुमने दाढ़ी बनाने के साथ मेरी चमड़ी भी छील दी.
नाई- चिंता मत कीजिए , मैं आपसे केवल दाढ़ी बनाने के ही पैसे लूंगा...!

 

>टिल्लू डॉक्टर के पास गया,
डॉक्टर- आपकी बीमारी की सही वजह मेरी समझ में नहीं आ रही,
हो सकता है दारू पीने की वजह से ऐसा हो रहा हो,
टिल्लू- कोई बात नहीं डॉक्टर,
जब आपकी उतर जाए तो दोबारा आ जाऊंगा !!!

 

ऐसे ही जोक्स पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

 

>मॉल में बिस्कुट चोरी करते हुए एक खूबसूरत महिला पकड़ी गई और फिर...
जज- तुमने बिस्कुट का एक पैकेट चुराया, जिसमें 30 बिस्कुट थे,
इसके लिए तुम्हें 30 दिनों की सजा सुनाई जाती है 
महिला का पति बोला- जज साहब, सूजी का पैकेट भी चुराया है.
जज बेहोश... कितनी सजा दें !

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>एक बार एक दादा-दादी ने जवानी के दिनों को याद करने का फैसला किया… 
अगले दिन दादा फूल लेकर वहीं पहुंचे जहां वो जवानी में मिला करते थे, 
वहां खड़े-खड़े दादा के पैरों में दर्द हो गया 
लेकिन दादी नहीं आईं,
घर जाकर दादा गुस्से से, आईं क्यों नहीं? 
दादी शर्माते हुए, 'मम्मी ने आने नहीं दिया' !!!

 

(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)
 

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