जब आप सोना खरीदने जाते हैं तो सबसे ज्यादा बात उसके कैरेट पर होती है कि सोना 24 कैरेट है या फिर 22 कैरेट. ये तो आप जानते हैं कि 24 कैरेट सोना का सोना सबसे शुद्ध होता है और 22, 20, 18 कैरेट वाले सोने में दूसरी चीजें भी मिली होती हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं 22 या 18 कैरेट का जो सोना होता है, उसमें मिला क्या होता है. जब ये पूरी तरह से सोना नहीं होता है, तो उसमें क्या मिला होता है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर 22,18 कैरेट वाले गोल्ड में क्या-क्या मिला होता है.
क्यों नहीं बनाई जाती 24 कैरेट में ज्वैलरी?
24 कैरेट सोना भले ही सबसे अच्छा और शुद्ध सोना होता है,लेकिन इतना शुद्ध होने की वजह से यह काफी नरम भी होता है. इससे वजह से इससे गहने नहीं बनाए जा सके और गहनों को डिजाइन देने या इसमें नगीने आदि फिट करने के लिए इसमें दूसरी चीजों की मिलावट की जाती है. इससे सोने में मजबूती आती है और नगीनों, हीरों में पकड़ बनी रहती है. इसलिए शुद्ध सोने में मिलावट की जाती है ताकि गहने बनाए जा सके. 24 कैरेट गोल्ड की शुद्धता 99.9 फीसदी होती है. इसमें दूसरी धातु लगभग नहीं होती. इसका इस्तेमाल सिक्के, गोल्ड बार और निवेश के लिए ज्यादा होता है.
22,18 कैरेट में क्या मिलावट होती है?
22,18 कैरेट के सोने में ऐसा नहीं है कि कुछ भी मिला दिया जाए. ऐसा नहीं है कि सोने को कमजोर करने के लिए लोहा आदि मिला दिया जाए. 22 कैरेट का मतलब है कि 24 में से 22 हिस्से सोना और 2 हिस्से दूसरी धातुएं हैं. यानी इसमें करीब 91.6 फीसदी असली सोना होता है और 8.4 फीसदी दूसरी मैटेरियल होते हैं. इन दूसरी धातुओं में आमतौर पर चांदी, तांबा, जिंक, कभी-कभी निकल या पैलेडियम मिलाया जाता है. अब क्या मिलाना है, ये ज्वैलर और डिजाइन पर निर्भर करता है.
ऐसे ही 20 कैरेट सोने में 83.3 फीसदी असली सोना होता है और 16.7% दूसरी धातुएं मिली होती हैं. इसमें भी चांदी, तांबा, जिंक जैसी धातुएं मिलाई जाती हैं. धातुओं की मात्रा बढ़ने से गहना और मजबूत हो जाता है. इसके अलावा 18 कैरेट गोल्ड में 75 फीसदी असली सोना, 25 फीसदी दूसरी धातुएं होती हैं.
हीरे और स्टोन वाले गहनों में 18 कैरेट काफी लोकप्रिय है, क्योंकि यह ज्यादा मजबूत होता है. आपको बता दें कि सोने में मिलावट मजबूती और कलर के लिए की जाती है. कभी सोने में हल्का लालपन लाने के लिए तांबे का इस्तेमाल किया जाता है और हल्की पीला या सफेद टोन के लिए चांदी आदि की मिलावट की जाती है.
बता दें कि भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड यानी बीएसआईएस हॉलमार्किंग यह तय करता है कि सोने की शुद्धता कितनी होनी चाहिए जैसे 22K में 91.6 फीसदी, 18K में 75 फीसदी, 14K में 58.5% सोना होना चाहिए. लेकिन BIS आम तौर पर यह निर्धारित नहीं करता कि बाकी 8.4%, 25% या 41.5% में कौन-कौन सी धातुएं किस अनुपात में हों. यह निर्माता की तकनीक और डिजाइन पर निर्भर करता है, बशर्ते तैयार गहना निर्धारित कैरेट की शुद्धता पूरी करता हो. लेकिन 22 कैरेट के हर आइटम में 91.6% सोना जरूर होगा.