कुछ सालों से लोगों के घर बनाने में एक खास चेंज आया है और वो है टाइल्स. जहां पहले टाइल्स का सिर्फ दीवारों पर ही इस्तेमाल होता था, अब ये सब बदल गया है. अब फर्श पर भी टाइल्स का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है. पार्किंग से लेकर घर के अंदर तक अब कोटा स्टोन, मार्बल आदि की जगह टाइल्स का यूज कर रहे हैं. टाइल्स का मार्केट बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े फ्रॉड भी बढ़ गए हैं. लोगों के साथ टाइल्स बेचते वक्त अलग-अलग तरीके से फ्रॉड किया जाता है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर टाइल्स खरीदते वक्त कैसे फ्रॉड किया जाता है और अगर आप टाइल्स खरीद रहे हैं तो किन बातों का ध्यान रखना चाहिए....
सबसे जरूरी है बेंडिंग टेस्ट
टाइल्स की क्वालिटी के बाद सबसे ज्यादा फ्रॉड बेडिंग को लेकर होता है. मतलब टाइल्स सीधी है या नहीं. कई बार दुकानदार वो टाइल्स बेच देते हैं, जो एकदम प्लेन नहीं होती है और हल्की मुड़ी हुई होती है. ये दिक्कत ज्यादातर बड़ी टाइल्स में आती है. बड़ी टाइल्स में हल्का बेंड होता है, जिस वजह से उन्हें लगाने के कुछ दिन बाद टाइल्स एक साइड से उखड़ने लगती है. ऐसे में जो टाइल्स का पैकेट हो, उसे अच्छे से देखें कि वे मुड़ी हुई तो नहीं हैं. इसके लिए आप सभी टाइल्स के कोने देखें, अगर वो एकदम चिपके और सटे हुए हैं तो टाइल्स सही है.
क्वालिटी ऐसे चेक करें
जब भी टाइल्स लेने जाएं, तो क्वालिटी चेक कर लें. बता दें कि टाइल्स की मैन्युफैक्चरिंग के दौरान जब माल भट्टी से बनकर निकलता है, तो उसकी फिनिशिंग, रंग और साइज की बारीकी के आधार पर उन्हें प्रीमियम, स्टैंडर्ड और कमर्शियल में बांटा जाता है. आप घर के लिए ले रहे हैं तो अपने बजट और क्वालिटी के हिसाब से टाइल्स लें. जो प्रीमियम होती हैं, उनमें सतह पर दाने, पिनहोल, कोनों का टेढ़ापन या रंग का अंतर आदि नहीं होता. इसे चेक करने के लिए उनके पैकेट्स को अच्छे से देखें और अक्सर PR मतलब प्रीमियम होता है.
एक जैसी टाइल्स ही लें
जब भी टाइल्स लेते हैं तो एक चीज सबसे ज्यादा ध्यान रखनी चाहिए और वो है एक जैसी टाइल्स. जब आप दुकानदार के गोदाम या दुकान पर हों, तो टाइल के डिब्बों के किनारे पर ध्यान दें. सारे बॉक्स एक जैसे लें. मान लीजिए आपको अपने कमरे के लिए 20 बॉक्स टाइल चाहिए. आपको उन सभी 20 बॉक्स पर लिखा Batch No. / Shade No. अक्षर-दर-अक्षर मिलाना है. अगर पहले बॉक्स पर BATCH NO: A-102 लिखा है, तो बाकी के 19 बॉक्स पर भी बिल्कुल A-102 ही लिखा होना चाहिए.
पानी से भी चेक करते हैं
कई लोग पानी से भी टाइल्स चेक करते हैं. खासकर सिरेमिक टाइल की पिछली तरफ पानी डालकर कुछ देर बाद देखते हैं कि सामने की सतह पर नमी/शेड तो नहीं दिख रही. इसके आधार पर फैसला लिया जाता है. वहीं, अगर कंपनी की टाइल्स ले रहे हैं तो शहर के आधिकारिक डिस्ट्रीब्यूटर से ही बात करें और उसके पैकेट पर लिखी जानकारी को अच्छे से पढ़कर डील करें.