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पुराने कपड़ों से बन रही ईंट... कमाल की है ये चीज, बढ़ा रही घर की खूबसूरती

बेकार और पुराने कपड़ों से अब खूबसूरत ईंट बनाए जा रहे हैं. इन ईंटों से घरों को और भी कमाल का लुक दिया जा रहा है. यह इंटीरियर डेकोरेशन में इस्तेमाल होने वाली बेहतरीन मटेरियल साबित हो रही है.

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पुराने कपड़ों से बनी ईंटें बढ़ाएगी घर की खूबसूरती (Photo - AI Generated)
पुराने कपड़ों से बनी ईंटें बढ़ाएगी घर की खूबसूरती (Photo - AI Generated)

पुराने कपड़ों को बेकार समझ कर रद्दी वालों को दे देते हैं. अब इन्हीं कपड़ों से एक ऐसी चीज बनने लगी है, जो घर को मजबूती देने के साथ इसकी खूबसूरती भी बढ़ाती है. पुराने और रद्दी कपड़े से सुंदर ईंट और टाइल्स बनाए जा रहे हैं. विदेशों में ये ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. इन ईंटों का इस्तेमाल घर के इंटीरियर में किया जाता है. 

पुराने और बेकार कपड़ों से ईंट बनाने की तकनीक पर्यावरण को बचाने का एक आधुनिक और अनूठा तरीका भी है. इसे फ्रांस की एक आर्किटेक्ट क्लारिस मर्लेट ने ईजाद किया है. इसे टेक्सटाइल ब्रिक्स कहते हैं. इन्होंने अपने स्टार्टअप के जरिए पुराने रद्दी कपड़ों से खूबसूरत और मजबूत ईंट बनाना शुरू किया और देखते ही देखते दुनिया भर में इसकी चर्चा होने लगी. 

टेक्सटाइल ब्रिक बनाने के लिए कपड़ों की जरूरत होती है. इसमें हर तरह के फैब्रिक के कपड़े इस्तेमाल होते हैं.  इसलिए पहले कपड़ों की छंटाई और कटाई की जाती है. सबसे पहले पुराने और बेकार कपड़ोंको इकट्ठा किया जाता है. एक ईंट को बनाने में लगभग 2 से 3 टी-शर्ट या उसके बराबर के कपड़े लगते हैं.

फिर कपड़ों को छोटे टुकड़ों में तोड़ा या पीसा जाता है. इन कपड़ों को मशीनों की मदद से श्रेड करके  छोटे-छोटे टुकड़ों यानी कतरन बना दिए जाते हैं. ये इतने महीन हो जाते हैं कि इनका रेशा- रेशा अलग हो जाता है. कटे हुए कपड़ों के इन रेशों में एक विशेष प्रकार का बायो-बेस्ड, प्लांट-बाइंडिंग ग्लू या इको-फ्रेंडली गोंद मिलाया जाता है.

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फिर इसे सांचे में डाला जाता है और हाइड्रोलिक मशीन की मदद से हाई कॉप्रेशन यानी काफी दबाव देकर ईंट या टाइल्स का आकार दिया जाता है. फिर इसे सांचे से निकालने के बाद कुछ हफ्तों के लिए सूखने के लिए छोड़ दिया जाता है. इसके बाद ये ठोस और मजबूत हो जाती हैं. इन ईंटों को पकाने के लिए किसी भट्टी या आग की जरूरत नहीं पड़ती है.

पुराने कपड़ों से बनने की वजह से इसमें प्राकृतिक तौर पर कपड़ों के रंगीन रेशे इन ईंटों को आकर्षक रंग देते हैं. इसलिए इन्हें डाई करने की जरूरत नहीं पड़ती है. अलग- अलग रंगों के ये अलग- अलग पैटर्न की वजह से ये आकर्षक लुक देते हैं. 

यह भी पढ़ें: 9 रुपये की हो गई एक ईंट... 3BHK बनाने में ईंट पर कितना खर्चा आएगा?

इनका इस्तेमाल घरों के आंतरिक सजावट यानी इंटीरियर और अंदर की दीवारों को बनाने में होता है. इससे पार्टीशन वॉल और रूम डिवाइडर तैयार किए जाते हैं. इन कपड़ों की ईंटों से स्टाइलिश टेबल, स्टूल, शेल्फ और अन्य सजावटी फर्नीचर भी तैयार किए जाते हैं. यह टेम्प्रेचर और साउंड प्रूफ होता है. कपड़े से बनी होने के कारण ये ईंटें कमरे में आवाज गूंजने से रोकती हैं. साथ ही तापमान को नियंत्रित रखती हैं.

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इन ईंटों का इस्तेमाल इमारतों की बाहरी या वजन उठाने वाली मुख्य दीवारों में नहीं किया जा सकता है. यह एक आर्टिस्टिक और इकोफ्रेंडली प्रोडक्ट है, जो अभी बड़े पैमाने पर आम भारतीय बाजारों में पारंपरिक मिट्टी की ईंटों की तरह उपलब्ध नहीं है.  विदेशों में या कस्टमाइज्ड डिजाइनिंग के तहत मिलने वाली इन ईंटों की कीमत इनकी फिनिशिंग, डिजाइन और आकार के हिसाब से काफी महंगी होती है. कुछ वेबसाइटों पर इसे ऑर्डर देकर मंगवाया जा सकता है. 

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