इटली में भी अब स्कूलों में बुर्के पर बैन लगाने की बात कही जा रही है. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्कूलों में बुर्का और नकाब जैसे चेहरे को ढकने वाले परिधानों पर रोक लगाने की योजना का ऐलान किया है. इसके साथ ही विदेशी छात्रों की संख्या को लेकर भी स्कूलों में नए नियम लाने की बात कही गई है. मेलोनी की घोषणा के बाद इटली में रह रहे मुस्लिम समुदाय की फिर से चर्चा होने लगी है, जिनकी संख्या में पिछले सालों से इजाफा हुआ है.
इसमें भी खास बात ये है कि जिन देशों के माइग्रेंट्स इटली में बढ़ रहे हैं, उनमें पाकिस्तान काफी अहम है. दरअसल, कुछ सालों में पाकिस्तानी माइग्रेंट्स की संख्या इटली में 300 फीसदी तक बढ़ गई है. ऐसे में सवाल है कि आखिर इतने पाकिस्तानी इटली क्यों जा रहे हैं और वहां क्या काम करते हैं...
कितने पाकिस्तानी रहते हैं?
इटली में अलग-अलग मुस्लिम देशों से आए लोगों की बड़ी आबादी रहती है, जिनमें मोरक्को, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ट्यूनीशिया और सेनेगल जैसे देशों के नागरिक शामिल हैं. इन्हीं में पाकिस्तानी समुदाय की संख्या पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ी है. इटली के श्रम और सामाजिक नीतियों के मंत्रालय (Ministero del Lavoro e delle Politiche Sociali) की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, 2005 में इटली में नियमित रूप से रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 32,546 थी.
लेकिन, करीब 20 साल बाद 31 दिसंबर 2024 तक यह संख्या बढ़कर 1,59,680 हो गई. यानी पाकिस्तानी समुदाय की संख्या 390.6 फीसदी बढ़ी, लगभग 4.9 गुना. इसमें सिर्फ 2023 से 2024 के बीच इसमें 13.2 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है.
बता दें कि इटली में पहले प्रवासी आते हैं और बस जाते हैं. इसके बाद प्रवासी परिवार को भी बुलाते हैं. इससे केवल नए कामगार ही नहीं, बल्कि महिलाएं और बच्चे भी आबादी में जुड़ते हैं. अब वहां के स्कूलों में पाकिस्तानी बच्चों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है.
पाकिस्तानी समुदाय इटली के किसी एक हिस्से तक सीमित नहीं है. करीब 65.5 फीसदी पाकिस्तानी नागरिक उत्तरी इटली में रहते हैं. इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी लोम्बार्डी, इसके बाद एमिलिया-रोमाग्ना और टस्कनी में हैं. 2025 में वहां अनुमानित 17 लाख से ज्यादा मुस्लिम रह रहे थे, जो अलग अलग देशों के हैं. यानी अधिकतर मुस्लिम आबादी माइग्रेंट्स की ही है.
आखिर इटली क्यों जा रहे पाकिस्तानी?
इसकी एक वजह पाकिस्तान में रोजगार का दबाव भी है. पाकिस्तान की आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था नए लोगों के लिए पर्याप्त रोजगार पैदा नहीं कर पा रही. ऐसे में पाकिस्तान से बड़ी संख्या में लोग विदेश जा रहे हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान से विदेश जाने वालों की संख्या 2005 में करीब 37 लाख थी, जो 2024 में बढ़कर 69 लाख से ज्यादा हो गई. इसी वजह से कई लोग इटली भी जा रहे हैं.
इटली में प्रवासियों की संख्या बढ़ने की एक बड़ी वजह यह है कि वहां काम के लिए विदेशी लोगों की जरूरत है. खेती, निर्माण, होटल-रेस्तरां और दूसरे सेक्टरों में प्रवासी कामगार पहुंचते हैं. इसके अलावा परिवार को बुलाने और शरण जैसे रास्तों से भी लोग इटली में आते हैं. अब इटली में भी माइग्रेंट्स को लेकर कई नियम लागू किए गए हैं.
इटली में क्या काम करते हैं?
इटली पहुंचने वाले पाकिस्तानी अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं. सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी कामगारों का सबसे बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग/उद्योग में है. रोजगार का करीब 32.9 फीसदी हिस्सा इसी सेक्टर में है. इसके अलावा पाकिस्तानी ट्रांसपोर्ट, कॉमर्स, होटल-रेस्टोरेंट, कृषि, मछली पालन, कंस्ट्रक्शन, पर्सनल सर्विस, हेल्थ आदि सेक्टर में काम करते हैं. वैसे मजदूरी और खेती का काम भी बड़ी संख्या में करते हैं.