शहरों में अब पाइपलाइन के जरिए घरों तक गैस पहुंचाना आम होता जा रहा है. पाइपलाइन से आने वाली गैस को आमतौर पर पाइप के जरिए सीधे घर के किचन तक पहुंचाया जाता है. ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि अगर कभी गैस की पाइपलाइन टूट जाए या उसमें छेद हो जाए तो क्या होगा? क्या गैस देखते ही देखते पूरे इलाके में फैल जाएगी या फिर इसे तुरंत रोका जा सकता है? दरअसल, गैस पाइपलाइन टूटने की स्थिति इस बात पर निर्भर करती है कि पाइपलाइन किस तरह की है, उसमें किस प्रकार की गैस जा रही है और रिसाव कितना बड़ा है. पाइप में छोटा छेद होने और पाइप पूरी तरह टूट जाने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है.
पाइप टूटने पर सबसे पहले क्या होता है?
पीएनजी पाइपलाइन फटने पर सुरक्षा के लिए दो स्तरों पर तुरंत कार्रवाई होती है. जैसे ही जमीन के नीचे या मुख्य पाइपलाइन में कोई डैमेज होता है, पाइप के अंदर गैस का प्रेशर अचानक गिर जाता है. गैस कंपनी के मुख्य कंट्रोल रूम में लगा कंप्यूटर नेटवर्क (SCADA सिस्टम) इस दबाव की कमी को तुरंत पकड़ लेता है. इसके बाद, इंजीनियर बिना एक भी पल गंवाए कंप्यूटर से एक क्लिक करके उस प्रभावित इलाके के मुख्य आपातकालीन वाल्व को दूर बैठे ही बंद कर देते हैं.
इसके बाद डैमेज एरिया की गैस सप्लाई तुरंत रुक जाती है और गैस कंपनी की क्विक रिस्पांस टीम रिपेयरिंग के लिए मौके पर आते हैं. पीएनजी गैस (मीथेन) हवा से बहुत हल्की होती है, इसलिए पाइप टूटने पर यह एलपीजी (LPG) सिलेंडर की गैस की तरह जमीन पर फैलने के बजाय बहुत तेजी से ऊपर आसमान में उड़ जाती है.
घरेलू गैस में आमतौर पर गंध मिलाई जाती है ताकि रिसाव होने पर लोगों को इसकी पहचान हो सके. अगर अचानक गैस जैसी तेज गंध महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए?
अगर घर या आसपास गैस रिसाव का शक हो तो सबसे पहले घबराने के बजाय लोगों को सुरक्षित जगह पर ले जाना चाहिए. लेकिन तेज रिसाव की स्थिति में खुद पाइप को छूने या मरम्मत करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए. साथ ही तुरंत संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देना चाहिए.
पाइपलाइन टूटने पर गैस सप्लाई बंद की जा सकती है. गैस पाइपलाइन का नेटवर्क इस तरह बनाया जाता है कि किसी खराबी या बड़े रिसाव की स्थिति में संबंधित हिस्से की सप्लाई को बंद किया जा सके. इसलिए पाइप टूटने का मतलब यह नहीं है कि लगातार अनियंत्रित तरीके से गैस पूरे शहर में निकलती रहेगी.