बांग्लादेश में एक हिंदू परिवार की नृशंस हत्या में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है. रंगपुर जिला स्कूल के रिटायर्ड टीचर गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी प्रीतिलता चक्रवती, बेटी आगामी चक्रवर्ती उर्फ प्रार्थि और उनके बेटे प्रियम चक्रवर्ती के शव उनके घर से मिले.
रंगपुर मेट्रोपॉलिटन कोतावली इंचार्ज अफसर नजमुल कादर ने बताया कि शनिवार रात तकरीबन 11:30 बजे शहर के दासपारा इलाके से चारों लोगों के शव बरामद किए गए. मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात भी कबूली है लेकिन मृतकों के परिवार का शक है कि इस घटना में किसी बड़े गिरोह का हाथ है.
पुलिस ने गणपति के कजिन भाई मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया है. सिद्धार्थ रंगपुर सिटी बाज़ार में मछली का व्यापार करता है, जबकि मुग्धो सुनार का असिस्टेंट है. दोनों दासपारा में ही रहते हैं.
'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक रंगपुर मेट्रोपॉलिटन CID के इंचार्ज सुबीर चौधरी ने बताया कि घर में सामान जगह-जगह बिखरा हुआ था. लूटपाट भी की गई. उनका कहना है कि आरोपियों द्वारा बताए गए जगहों से चोरी किए गए सोने के गहने भी मिले.
डिटेक्टिव ब्रांच के प्रमुख सनातन चक्रवर्ती ने बताया कि हत्या गुरुवार आधी रात और शुक्रवार सुबह के बीच हुई. अगर हत्या पर सिलसिलेवार ढंग से नजर डालें तो आरोपी पड़ोसी की छत से गणपित के घर पहुंचे थे. यहां वे गणपति की छत पर 'काबा' नशा कर रहे थे. जब गणपति को छत पर किसी आवाजाही का शक हुआ तो उन्होंने छत पर जाकर देखा. यहां आरोपियों से उनकी बहस हुई और आरोपियों ने उन्हीं के गमछे से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी.
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छत से आवाज सुनाई देने पर गणपति की पत्नी प्रीतिलता वहां पहुंची. आरोपियों ने उनकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद आरोपी नीचे की ओर बढ़े, तभी उन्हें आगामी दिखी. उन्होंने बेटी आगामी उर्फ प्रार्थि की भी हत्या कर दी. इसके बाद वे नीचे पहुंचे, यहां कमरे में उन्हें गणपति का छोटा बेटा प्रियम नजर आया. उन्हें डर था कि प्रियम उन्हें पहचान सकता है, क्योंकि वह आरोपियों में से एक के भाई का दोस्त भी था. ऐसे में पहचान जाहिर होने के डर से उन्होंने प्रियम की भी हत्या कर दी.
इसके बाद आरोपी वहां से भागे नहीं, बल्कि वहीं 6-7 घंटों तक घर में रहे. यहां उन्होंने घर में काबा नशा किया. वही नशा जो वे छत पर कर रहे थे. फिर उन्होंने सबूत मिटाने की कोशिश की. उन्होंने प्रीतिलता की चूड़ियां जलाने की कोशिश की. लेकिन वह पूरी जल नहीं पाई. इसके बाद उन्होंने फ्रिज से निकालकर खाना खाया. और फिर कई देर तक नहाया. बाद में उन्होंने घर की बिजली काटी और कीमती सामना की लूट की. 6-7 घंटे बाद दोनों मौके से फरार हो गए.
इधर गणपति के परिवार से संपर्क नहीं होने पर उनके परिजनों को चिंता हुई. परिवार का फोन गुरुवार से ही बंद था. ऐसे में उनके परिजन शनिवार को उनके घर पहुंचे. यहां उन्होंने मेन गेट बंद पाया. परिजनों ने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चारों के शव अलग-अलग जगहों से बरामद किए. गणपति के बड़े भाई गोपीनाथ ने रंगपुर में हत्या का मामला दर्ज कराया है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक गणपति 31 दिसंबर 2025 को स्कूल से रिटायर हुए थे. रिटायरमेंट के बाद गणपति होम्योपैथिक डॉक्टर के रूप में काम कर रहे थे. वहीं, उनकी बेटी प्रार्थना ने इस साल रंगपुर कारमाइकल कॉलेज से अंग्रेजी में मास्टर्स किया था. जबकि बेटा प्रियम पांचवी कक्षा में था.
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मृतक प्रीतिलता की बहन के मुताबिक इस परिवार का कोई दुश्मन नहीं था. और उन्होंने हाल ही में यह तीन मंजिला मकान बनवाया था. गणपति के भतीजे विश्वनाथ चक्रवर्ती का कहना है कि इस हत्या में किसी बड़े गिरोह का हाथ हो सकता है. उन्होंने द डेली स्टार से कहा, "गणपति को घर बनाने में परेशानी हो रही थी. कुछ लोग उन्हें परेशान कर रहे थे. उन्होंने मुझे इस बारे में बताया था. मैंने उन्हें कानूनी कार्रवाई करने की सलाह दी थी लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया. उन्होंने कहा कि उन्हें इसी इलाके में रहना है इसलिए वे ज्यादा मुश्किल में नहीं पड़ना चाहते."
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह परिवार बहुत ही मिलनसार और विनम्र स्वभाव का था.