क्या आप जानते हैं आपकी एक गलती की वजह से आपके घर के बिजली का बिल बढ़ सकते हैं. खास बात ये है कि आप जितनी जरूरत है, उतनी बिजली भी इस्तेमाल करेंगे तब भी एक गलती की वजह से बिजली का बिल बढ़ सकता है. इस गलती की वजह से बिजली के बिल में एक्स्ट्रा पैसे जुड़कर आते हैं और अब बिजली के बिल में ध्यान से नहीं देखें तो इसके बारे में पता भी नहीं चलेगा और जेब से ज्यादा पैसे चले जाएंगे. ऐसे में जानते हैं कि हम किस गलती की बात कर रहे हैं, जिसकी वजह से आपको नुकसान हो सकता है.
ये गलती है हाई लोड की. दरअसल, जब आपके कनेक्शन के तय लोड से आप ज्यादा बिजली खर्च करते हैं तो आपका बिजली का बिल बढ़ सकता है. दरअसल, घर में बिजली के उपकरण बढ़ जाते हैं, लेकिन कई बार लोग बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड यानी सैंक्शन्ड लोड बढ़वाना भूल जाते हैं. इस वजह से बिजली के उपयोग और लोड में मिसमैच होने से विभाग की ओर से ज्यादा पैसे चार्ज किए जाते हैं.
आपको बता दें कि बिजली कनेक्शन में सिर्फ ये ही मायने नहीं रखता कि आपने महीने में कितनी यूनिट बिजली खर्च की. कनेक्शन का लोड भी अहम होता है. यह उस अधिकतम बिजलीक्षमता से जुड़ा होता है, जिसके लिए आपका कनेक्शन स्वीकृत है. अलग-अलग राज्यों में लोड से जुड़े नियम और चार्ज अलग हो सकते हैं. साधारण भाषा में समझें तो आपका जितने किलोवाट का कनेक्शन है आप उसके हिसाब से ही बिजली का उपभोग कर सकते हैं. अगर ज्यादा उपभोग करते हैं तो ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं.
आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए आपके घर का कनेक्शन 3 किलोवाट का है. अब घर में एसी, गीजर, माइक्रोवेव, वॉशिंग मशीन और दूसरे कई भारी उपकरण लगा लिए. अगर इनका इस्तेमाल इस तरह होता है कि कनेक्शन का लोड लगातार स्वीकृत सीमा से ऊपर जाने लगता है, तो बिजली विभाग की जांच में यह अतिरिक्त लोड माना जा सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 3 किलोवाट के कनेक्शन में एक बार 3 किलोवाट से ज्यादा उपकरण चल गए तो तुरंत जुर्माना लग जाएगा. नियमों में राज्य और कनेक्शन की श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग प्रावधान होते हैं.
जैसे हरियाणा में तय लोड के 110 फीसदी तक अधिकतम मांग पर सरचार्ज नहीं लगाया जाता. 110 से 115 फीसदी के बीच मांग होने पर कुल बिजली शुल्क पर 20 फीसदी सरचार्ज और 115 फीसदी से ज्यादा होने पर 25 फीसदी सरचार्ज का प्रावधान है. यानी अगर किसी उपभोक्ता का स्वीकृत लोड 5 किलोवाट है, तो 110 फीसदी का मतलब 5.5 किलोवाट तक है. इससे ऊपर जाने पर लागू नियम के अनुसार अतिरिक्त शुल्क की स्थिति बन सकती है.
प्रति यूनिट चार्ज नहीं बढ़ेंगे
इस स्थिति में प्रति यूनिट के चार्ज नहीं बढ़ेंगे, लेकिन फिक्स्ड चार्ज और सरचार्ज में पैसे बढ़कर आ सकते हैं. इस्तेमाल के हिसाब से सरचार्ज में 20, 25 फीसदी तक एक्स्ट्रा पैसे जोड़े जा सकते हैं, जिससे आपके बिजली का बिल बढ़ जाएगा. ये रेट और पैसे बढ़ाने का हिसाब हर राज्य के हिसाब से अलग हो सकता है, जो आपके बिजली विभाग से पता कर सकते हैं.
क्या करना चाहिए?
अगर घर में बिजली की मांग लगातार तय लोड से ज्यादा रहती है तो लोड बढ़वाना ज्यादा सही हो सकता है. आमतौर पर माना जाता है कि अगर 5 किलोवाट के कनेक्शन पर ज्यादा लोड यूज होता है तो 20 फीसदी तक बिजली बिल बढ़ सकता है. अगर हर महीने ज्याद लोड इस्तेमाल हो रहा है तो आपको ज्यादा फेज या ज्यादा लोड वाला कनेक्शन ले लेना चाहिए, वो आपको सस्ता पड़ेगा.