अक्सर आपने देखा होगा कि ट्रैफिक पुलिस के जवान ट्रैफिक लाइट या मेन रोड़ पर खड़े होते हैं, लेकिन गलियों में दिखाई नहीं देते. ना ही गलियों में ट्रैफिक जाम होने पर ट्रैफिक पुलिस के जवान नहीं दिखते हैं. कभी आपने सोचा है कि आखिर ऐसा क्या होता है. दरअसल, इसकी वजह है कुछ ऐसे नियम, जिनकी वजह से ट्रैफिक पुलिस हर जगह ऑपरेशन नहीं करती. तो जानते हैं वो कौन-कौनसी जगह हैं, जहां ट्रैफिक पुलिस के जवान खड़े नहीं हो सकते. समझते हैं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के नियम...
हाल ही में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एक्स पर इसकी जानकारी दी है और बताया है किन जगहों पर ट्रैफिक पुलिस काम नहीं करती है. दरअसल, सोशल मीडिया पर अपनी गली में ट्रैफिक से जुड़ी किसी शिकायत को लेकर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को टैग किया था, जिसके बाद पुलिस ने बताया कि वहां ट्रैफिक पुलिस काम नहीं करती है.
इस पोस्ट में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि 60 फीट से कम चौड़ी सड़कें या गलियां आम तौर पर स्थानीय पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आती हैं और वहां स्थानीय ट्रैफिक/प्रतिबंध लागू कराने का काम ट्रैफिक पुलिस के ऑपरेशनल दायरे में नहीं आता. साथ ही दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने यूजर को स्थानीय पुलिस से संपर्क करने को कहा.

नियमों के अनुसार, आरओडब्ल्यू या 60 फीट या उससे अधिक चौड़ाई वाली सड़कों पर अवैध पार्किंग के मामले में, वाहन को टो करके हटाने के लिए दिल्ली यातायात पुलिस प्राथमिक एजेंसी होती है. अन्य सड़कों और स्थानों के मामले में, वाहन को टो करके हटाने और जुर्माना लगाने के लिए नगर निगम एजेंसियां जिम्मेदार होती है.
वहीं, 60 फीट से कम चौड़ाई वाली सड़कों पर खड़ी पाई जाने वाली कोई भी कबाड़ गाड़ी नगर निगम एजेंसियों की ओर से जब्त की जाती है. अगर ऐसी गाड़ियां 60 फीट या उससे अधिक चौड़ाई वाली सड़कों पर खड़ी पाई जाती हैं, तो उन्हें ट्रैफिक पुलिस या नगर निगम एजेंसियों की संयुक्त टीमों की ओर से जब्त किया जाता है.
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक दस्तावेजों में ट्रैफिक यूनिट की जिम्मेदारी शहर में ट्रैफिक को रेगुलेट करना और ट्रैफिक नियमों को लागू करना बताई गई है. इसके कर्मचारी अलग-अलग ट्रैफिक सर्किल में तैनात होते हैं. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की अपनी वेबसाइट पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर की जिम्मेदारियों में सड़क पर ट्रैफिक बाधित करने वाली चीजों की पहचान करना, उन्हें हटवाना, पार्किंग और अतिक्रमण पर कार्रवाई करना और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना शामिल है.