दिवाली रोशनी और खुशियों का त्योहार है. घरों की सजावट से लेकर दीपों और रंग-बिरंगी लाइटों की जगमगाहट तक, इस त्योहार की खूबसूरती का आनंद हमारी आंखों से ही जुड़ा है. ऐसे में आंखों की सेहत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन दिवाली के दौरान कुछ गलतियां आंखों की रोशनी तक पर असर डाल सकती हैं. ऐसे में इस त्योहार पर कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है.
सेंटर फॉर साइट ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन प्रो. डॉ. महिपाल सिंह सचदेव ने बारे में Aajtak.in से बातचीत की है. उन्होंने कहा कि दिवाली के दौरान आंखों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. पटाखों का धुआं और धूल आंखों में जलन और एलर्जी की परेशानी बढ़ा सकते हैं. वहीं, त्योहारों में इस्तेमाल होने वाला मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस भी सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसलिए आंखों को लेकर कोई भी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है.
आंखों का ऐसे रखें ध्यान
डॉ. महिपाल कहते हैं कि दिवाली के दौरान धुआं आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसे में धुएं के सीधे संपर्क में आने से बचें. इस बात का ध्यान भी रखें कि अगर धुआं आंखों में चला जाए तो आंखों को पानी से साफ करें. बिना हाथ धोए आंखों को छूने, मेकअप का सामान दूसरों के साथ साझा करने से जलन और इन्फेक्शन का खतरा बढ़ सकता है. सोने से पहले आंखों का मेकअप हटा देना चाहिए. कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करने वालों को उनकी सफाई और इस्तेमाल से जुड़े निर्देशों का पालन करना चाहिए. आंखों में परेशानी होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करने से भी बचें.
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इन लक्षणों पर भी दें ध्यान
आंखों में लालिमा, दर्द, लगातार पानी आना या नजर में बदलाव होने पर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. कई बार लोग घरेलू नुस्खे अपनाते रहते हैं या इस उम्मीद में डॉक्टर के पास जाने में देर कर देते हैं कि परेशानी अपने आप ठीक हो जाएगी. हालांकि, अचानक नजर धुंधली होना या चली जाना, तेज दर्द अथवा आंख में चोट लगना गंभीर समस्या के संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
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ये लोग रखें खास ध्यान
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के साथ-साथ पहले से आंखों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को नियमित जांच का विशेष ध्यान रखना चाहिए. डायबिटीज के कारण आंखों के पर्दे यानी रेटिना की नसों को नुकसान पहुंच सकता है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण भी दिखाई नहीं देते. डॉक्टर की सलाह के अनुसार आंखों की जांच कराना और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को कंट्रोल में रखना जरूरी है.