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15,210 फीट की ऊंचाई पर बर्फ की सफेद चादर, शनिवार-रविवार को बंद होंगे हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट

चमोली में 15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शनिवार और रविवार को बंद होने जा रहे हैं. 8 अक्टूबर की रात से लगातार हो रही बर्फबारी के कारण गुरुद्वारा परिसर, मंदिर और पवित्र सरोवर पर आधा फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है. ठंड के बावजूद श्रद्धालु 19 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पार कर अंतिम अरदास के लिए पहुंच रहे हैं.

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गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर और पवित्र सरोवर पर जमी बर्फ. (Photo: Screengrab)
गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर और पवित्र सरोवर पर जमी बर्फ. (Photo: Screengrab)

उत्तराखंड के चमोली जिले में 15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित सिखों के पवित्र तीर्थ हेमकुंड साहिब और सनातन धर्म के पवित्र लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट बंद होने जा रहे हैं. 8 अक्टूबर की रात से लगातार हो रही बर्फबारी के बीच यहां तैयारियां तेज हो गई हैं. कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है. देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु अंतिम अरदास और कपाट बंद होने की रस्म में शामिल होने पहुंच रहे हैं.

चमोली जिले के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में 8 अक्टूबर की रात से बर्फबारी का दौर जारी है. इसका असर हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है. गुरुद्वारा परिसर, लक्ष्मण मंदिर, पवित्र सरोवर और आसपास के पहाड़ों पर आधा फीट से अधिक बर्फ जम चुकी है. लगातार बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच दोनों पवित्र स्थलों के कपाट बंद करने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. शनिवार और रविवार को कपाट बंद होने हैं. ऐसे में इस वर्ष के अंतिम दर्शन और धार्मिक रस्मों में शामिल होने के लिए श्रद्धालु धाम पहुंच रहे हैं.

बर्फ से ढके पहाड़ों और पवित्र सरोवर के आसपास का पूरा क्षेत्र ठंड की चपेट में है. इसके बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कमी नहीं दिखाई दे रही है. हेमकुंड साहिब की यात्रा आसान नहीं है. श्रद्धालुओं को करीब 19 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पार करके धाम तक पहुंचना पड़ता है. इन दिनों बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच भी श्रद्धालु इस मुश्किल रास्ते को पार कर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं. 

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अंतिम अरदास में शामिल होने पाकिस्तान से भी पहुंचा जत्था

कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आने के कारण धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है. लोग अंतिम अरदास में शामिल होने और इस वर्ष के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं. हेमकुंड साहिब सिख धर्म का पवित्र तीर्थ है, जबकि इसी क्षेत्र में स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर सनातन धर्म के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. दोनों धार्मिक स्थलों के कपाट बंद होने से पहले यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा खास महत्व रखती है.

कपाट बंद होने की रस्म में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से सिख श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं. बताया जा रहा है कि पाकिस्तान से आए सिख श्रद्धालुओं का जत्था भी इस वर्ष की अंतिम अरदास और कपाट बंद होने की धार्मिक रस्म में शामिल होने के लिए धाम पहुंच रहा है. बर्फबारी और मुश्किल चढ़ाई के बावजूद श्रद्धालु अपनी आस्था के साथ यात्रा कर रहे हैं. कपाट बंद होने से पहले अंतिम अरदास में शामिल होना उनके लिए विशेष महत्व रखता है.

शनिवार और रविवार को बंद होंगे दोनों पवित्र स्थलों के कपाट

15,210 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब और लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट शनिवार और रविवार को बंद होने जा रहे हैं. लगातार बर्फबारी के कारण दोनों स्थलों और आसपास के पहाड़ों पर बर्फ की मोटी परत जम गई है. कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आने के साथ ही तैयारियां तेज हो गई हैं. श्रद्धालु कठिन मौसम के बीच भी अंतिम दर्शन और अरदास के लिए धाम पहुंच रहे हैं. अब सभी की नजर कपाट बंद होने की धार्मिक रस्मों पर है.

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