उत्तराखंड में मई के पहले हफ्ते में ही मॉनसून जैसा मौसम है. भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने पूरे पहाड़ी राज्य में जन-जीवन अस्तव्यस्त कर दिया है. प्रशासन ने पर्वतीय जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. चमौली, पिथौरागढ़ समेत कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित है. हालांकि, चारधाम यात्रा सुचारु रूप से जारी है.
पिथौरागढ़ में स्कूल बंद, सुबह से तेज बारिश
पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 4 मई को सभी स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को छुट्टी घोषित कर दी गई. जिले में सुबह से ही तेज बारिश के साथ गरज-चमक जारी है. मौसम विभाग की चेतावनी के चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है.
चमोली में बिजली का कहर, 500 से ज्यादा बकरियों की गई जान
चमोली जिले के निजमूला घाटी में आकाशीय बिजली गिरने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है. जानकारी कि मुताबिक, एक ही झटके में 500 से अधिक बकरियां मौत की नींद सो गईं. स्थानीय लोग इस घटना से बेहद सदमे में हैं. बता दें कि रुद्रप्रयाग और चमोली में देर रात से लगातार बारिश हो रही है.
देहरादून में बिजली गुल होने से लोग परेशान
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रविवार देर रात तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के बीच कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए. बिजली के खंभे प्रभावित हुए और बिजली आपूर्ति कई घंटों तक बाधित रही. लोगों को घरों में अंधेरे में बैठना पड़ा. कई जगहों पर सुबह तक भी बिजली नहीं आई. वहीं, ऊधम सिंह नगर और खटीमा क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने आम और लीची के बागों को काफी नुकसान पहुंचाया है.
बद्रीनाथ-केदारनाथ में श्रद्धालुओं का सैलाब जारी
मौसम की मार के बावजूद चारधाम यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा है. बदरीनाथ धाम में झमाझम बारिश और ठंड के बावजूद भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है. केदारनाथ यात्रा भी सुचारू रूप से चल रही है. श्रद्धालु बारिश में भी अपने आराध्य के दर्शन के लिए उत्साहित हैं.
मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है. ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. लोगों से अपील की गई है कि अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें.