उत्तराखंड के चकराता ब्लॉक के उंदावा गांव में सड़क सुविधा का अभाव होने के कारण दुल्हन शर्मिला को बारात के दौरान भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. बीते मंगलवार को लोखंडी से उंदावा गांव तक पहुंचने के लिए उसे करीब 8 किलोमीटर का रास्ता पैदल ही तय करना पड़ा. शुभ मुहूर्त निकलने की चिंता के कारण वह रास्ते में दौड़ती हुई भी नजर आई. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दुल्हन ने मुख्यमंत्री से क्षेत्र में सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की है.
सड़क न होने से दुल्हन को उठानी पड़ी भारी परेशानी
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सड़क सुविधा न होना केवल बुजुर्गों, बीमार लोगों या गर्भवती महिलाओं के लिए ही नहीं, बल्कि अब शादी समारोहों के लिए भी बड़ी मुसीबत बन चुका है. इसकी एक बानगी राजधानी देहरादून के दूरस्थ इलाके चकराता के उंदावा गांव से सामने आई है. आजादी के इतने साल बाद भी इस दुर्गम गांव तक सड़क मार्ग नहीं पहुंच पाया है, जिसके कारण ग्रामीणों का दैनिक जीवन तो प्रभावित होता ही है, साथ ही शादी-ब्याह जैसे महत्वपूर्ण मौकों पर भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
शुभ मुहूर्त की चिंता में दौड़ती नजर आई दुल्हन
विवाह के पावन अवसर पर दुल्हन शर्मिला को अपनी ससुराल जाने के लिए लोखंडी से लगभग 8 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय करना पड़ा. रास्ते का सफर उबड़-खाबड़ और काफी कठिन था. गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त निकल जाने की चिंता के कारण दुल्हन को रास्ते में दौड़ते हुए भी देखा गया. इस दौरान ग्रामीणों ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो अपने कैमरों में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है. पैदल चलने की वजह से दुल्हन को भारी थकान का सामना करना पड़ा.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से लगाई सड़क की गुहार
वायरल हो रहे इस वीडियो में दुल्हन साफ तौर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गुहार लगाती हुई दिखाई दे रही है. उसने वीडियो के माध्यम से बताया कि वह लोखंडी से बारात के साथ पैदल उंदावा गांव जा रही है और पैदल चलने के कारण उसे अत्यधिक थकान हो गई है. शुभ मुहूर्त बचाने के लिए उसे दौड़ना भी पड़ा. दुल्हन ने मुख्यमंत्री से यह मांग की है कि उंदावा गांव तक पक्की सड़क का निर्माण जल्द कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति या बेटी को इस प्रकार की गंभीर परेशानी न झेलनी पड़े.
पहले भी सामने आ चुकी हैं बदहाली की ऐसी तस्वीरें
सड़क के अभाव से जुड़ी यह कोई पहली घटना नहीं है जो शासन और प्रशासन के सामने आई हो. इससे पहले भी खराब मौसम के दौरान गांव के लोगों को अस्पताल ले जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रशासन को पहले भी इन समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है. अब यह देखना बेहद दिलचस्प और जरूरी होगा कि क्या इस बार दुल्हन और उंदावा गांव के ग्रामीणों की इस जायज मांग पर सरकार ध्यान देगी या उनकी यह फरियाद हमेशा की तरह अनसुनी कर दी जाएगी.