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समाजवादी पार्टी में बड़ा बदलाव, राष्ट्रीय कार्यकारिणी समेत सभी संगठन और प्रकोष्ठ भंग

विधानसभा चुनाव नतीजे के बाद से ही कार्यकारिणी भंग करने की संभावना जताई जा रही थी. बताया जा रहा है कि पार्टी कार्यपरिषद के सम्मेलन के बाद नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा.

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अखिलेश यादव (पीटीआई)
अखिलेश यादव (पीटीआई)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम का पद अभी बहाल रखा गया है
  • नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तत्काल प्रभाव से प्रदेश अध्यक्ष को छोड़कर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी को भंग कर दिया है. समाजवादी पार्टी के सभी युवा संगठनों, महिला सभा एवं अन्य सभी प्रकोष्ठों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, सहित राष्ट्रीय, राज्य कार्यकारिणी को भंग किया गया है.

विधानसभा चुनाव नतीजे के बाद से ही कार्यकारिणी भंग करने की संभावना जताई जा रही थी. बताया जा रहा है कि पार्टी कार्यपरिषद के सम्मेलन के बाद नए सिरे से कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा. वहीं, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम का पद अभी बहाल रखा गया है.

हाल ही में हुए लोकसभा उपचुनाव में सपा में तगड़ा झटका लगा है. रामपुर और आजमगढ़ में हुए लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी ने जीत हासिल की. यह दोनों ही सीटें सपा की गढ़ मानी जाती थीं. कहा जा रहा है कि बीजेपी ने उपचुनाव में सपा और अखिलेश यादव के 'एमवाई'  (मुस्लिम-यादव) फैक्टर को तार-तार कर दिया है. बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के मस्लिमों ने एकमुश्त होकर सपा को वोट किया था.

सीएसडीएस की रिपोर्ट के मुताबिक 83 फीसदी मुस्लिम सपा के साथ थे. बसपा और कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों को भी मुसलमानों ने वोट नहीं किया था. असदुद्दीन औवैसी की पार्टी AIMIM को भी मुस्लिमों ने नकार दिया था. इतनी बड़ी तादाद में मुस्लिम समुदाय ने किसी एक पार्टी को 1984 चुनाव के बाद वोट किया था. 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा 47 से बढ़कर 111 सीटों पर पहुंच गई. सपा से 31 मुस्लिम विधायक जीते थे जबकि वैसे कुल 34 मुस्लिम विधायक हैं.

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