तेलंगाना के निजामाबाद के एक प्राइवेट स्कूल में उर्दू पढ़ाने को लेकर विवाद हो गया है. कुछ पेरेंट्स का आरोप है कि प्राइमरी स्कूल के स्टूडेंट्स को उनकी मंजूरी के बिना उर्दू पढ़ाई जा रही है. इन आरोपों के बाद BJP नेताओं और पेरेंट्स ने विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद पुलिस ने इस मामले में दो FIR दर्ज की हैं.
निजामाबाद के भारत चंद्र हाई स्कूल को मल्लैया एजुकेशनल ट्रस्ट चलाता है. ये स्कूल आर्मूर म्युनिसिपैलिटी के परकिट में है. पेरेंट्स का आरोप है कि इस स्कूल में क्लास I से V तक के इंग्लिश और तेलुगु मीडियम सेक्शन में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को पिछले कुछ हफ्तों से उर्दू पढ़ाई जा रही थी.
पेरेंट्स ने करिकुलम में उर्दू को शामिल करने को लेकर सवाल उठाया और स्कूल मैनेजमेंट से सफाई मांगी. शिकायतों के बाद, लोकल BJP, BJYM, ABVP, बजरंग दल और RSS के नेता स्कूल पहुंचे और मैनेजमेंट से भिड़ गए. उन्होंने सवाल किया कि तेलुगु और इंग्लिश मीडियम सेक्शन में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स को उर्दू क्यों पढ़ाई जा रही है.
प्रिंसिपल और मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रिंसिपल और मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की. उनका आरोप था कि इस तरीके से कई पेरेंट्स की भावनाओं को ठेस पहुंची है. विवाद बढ़ता देख आर्मूर पुलिस स्कूल पहुंची और हालात को काबू में किया. प्रोटेस्ट के बाद रेवेन्यू अधिकारियों ने भी स्कूल का दौरा किया.
पुलिस ने इस मामले में दो केस दर्ज किए हैं. पहला केस स्कूल के प्रिंसिपल, कॉरेस्पोंडेंट और एक टीचर के खिलाफ है, जिनपर टीचिंग के तरीकों से जुड़े आरोप हैं. वहीं, दूसरा केस कुछ BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज किया है जिसमें प्रोटेस्ट के दौरान स्कूल स्टाफ के सदस्यों पर हमला करने के आरोप हैं.
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अब एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी जांच करेंगे कि स्कूल ने तय करिकुलम का पालन किया या नहीं, और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के नियमों का पालन किया गया या नहीं. जांच में पेरेंट्स के आरोपों को भी वेरिफाई किया जाएगा. वहीं, BJP नेताओं ने स्कूल मैनेजमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.