तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बीआरएस से कांग्रेस में शामिल हुए विधायक दानम नागेंद्र को विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित कर दिया. कोर्ट ने इस साल मार्च में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनकी अयोग्यता की मांग वाली याचिकाओं को खारिज करने के फैसले को भी रद्द कर दिया.
मुख्य न्यायाधीश अपरेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि हैदराबाद की खैरताबाद विधानसभा सीट से विधायक नागेंद्र 23 अप्रैल 2024 से तेलंगाना विधानसभा के सदस्य के रूप में अयोग्य माने जाएंगे. नागेंद्र 2023 के विधानसभा चुनाव में BRS के टिकट पर खैरताबाद से विधायक चुने गए थे. इसके बाद मार्च 2024 में वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे.
नागेंद्र ने 2024 का लोकसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर सिकंदराबाद सीट से लड़ा था. उस समय वह BRS के विधायक थे. हालांकि, इस चुनाव में उन्हें बीजेपी के जी. किशन रेड्डी से हार का सामना करना पड़ा.
हाईकोर्ट ने यह फैसला बीजेपी के विधानसभा फ्लोर लीडर एलेटी महेश्वर रेड्डी और BRS विधायक पी. कौशिक रेड्डी की याचिकाओं पर सुनाया. याचिकाकर्ताओं ने विधानसभा अध्यक्ष के 11 मार्च के फैसले को चुनौती देते हुए दानम नागेंद्र को संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल के आधार पर अयोग्य घोषित करने की मांग की थी.
क्या है पूरा मामला?
दानम नागेंद्र 2023 में BRS के टिकट पर विधायक चुने गए थे. बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया और 2024 का लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर लड़ा. इसके बाद उनके खिलाफ दल-बदल कानून के तहत विधानसभा सदस्यता खत्म करने की मांग उठी.
तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष गद्दाम प्रसाद कुमार ने 11 मार्च 2026 को नागेंद्र को अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी थीं. इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी.
नागेंद्र बोले- चुनाव आया तो लड़ूंगा और जीतूंगा
हाईकोर्ट के फैसले के बाद दानम नागेंद्र ने कहा कि वह अदालत के आदेश का स्वागत करते हैं. उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'जब भी चुनाव का कार्यक्रम आएगा, मैं चुनाव लड़ूंगा और जीतूंगा. लड़ना मेरे लिए नया नहीं है.'
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे, तो नागेंद्र ने कहा कि उन्होंने अभी इस बारे में नहीं सोचा है. उन्होंने कहा कि फिलहाल वह चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.