
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा रद्द होने पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि सरकार चुनिंदा लोगों को ही अनुमति देती है और सिर्फ उन्हें प्राथमिकता देती है, जिन्हें वह पसंद करती है.
खड़गे ने कहा कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना के मुख्यमंत्री हैं और अमेरिका में तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के बड़ी संख्या में एनआरआई रहते हैं. जब ये लोग अपने राज्य में निवेश करना चाहते हैं या छोटे उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, तो वे स्वाभाविक रूप से राज्य के नेतृत्व से संपर्क करते हैं.
उन्होंने कहा कि इसी वजह से मुख्यमंत्री अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों का दौरा करते हैं, ताकि निवेश की संभावनाएं तलाश सकें. इस तरह यात्रा की अनुमति न देना पूरी तरह गलत है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब किसी राज्य में विदेशी निवेश आता है तो उससे राज्य को फायदा होता है, देश मजबूत होता है और रोजगार के अवसर पैदा होते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जानबूझकर इन प्रयासों को रोक रही है और उसकी सोच है कि सारा निवेश केवल केंद्र के जरिए ही आए, राज्यों को सीधे तौर पर निवेश के लिए संपर्क न करने दिया जाए. खड़गे ने कहा कि केंद्र सरकार का यह तरीका पूरी तरह गलत है और वह इसकी कड़ी निंदा करते हैं.
बीजेपी सांसद ने साधा निशाना
बीजेपी तेलंगाना के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने रेवंत रेड्डी के अमेरिका दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स से सामने आ रहा है कि रेवंत रेड्डी का अमेरिका दौरा तेलंगाना के लिए शिक्षा या निवेश के उद्देश्य से नहीं, बल्कि भारत विरोधी विचार रखने वाले लोगों से मिलने के लिए था, जिन्हें उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का वैचारिक गुरु भी बताया.

रामचंदर राव ने कहा कि ब्रिटेन में रेवंत रेड्डी ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की माया ट्यूडर और फैसल देवजी के साथ मंच साझा किया, जिन पर भारत विरोधी लेख लिखने का आरोप है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में रेवंत रेड्डी जोहरान ममदानी से मिलना चाहते थे और सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री को इन लोगों से मिलने की क्या जरूरत थी.