प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूसरी पारी में बनाई गई नई कैबिनेट में अमेठी से नवनिर्वाचित सांसद 43 वर्षीय स्मृति ईरानी सबसे युवा मंत्री हैं. वहीं, एनडीए के घटक दल लोजपा के 73 वर्षीय रामविलास पासवान सबसे बुजुर्ग नेता है. मोदी की नई कैबिनेट की औसत आयु 59.36 है. जबकि, पिछली मोदी सरकार के पिछले मंत्रिमंडल की औसत आयु 62 साल थी. यानी नई सरकार अपेक्षाकृत 2 साल युवा है.
मोदी समेत नए 58 मंत्रियों में 24 कैबिनेट, 9 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 24 ने राज्यमंत्री की शपथ ली. 2014 में मोदी की कैबिनेट की तुलना में 2019 की कैबिनेट मंत्रियों की संख्या ज्यादा है. लेकिन मोदी की नई कैबिनेट पिछली सरकार के मुकाबले युवा है.
So, that, in a nutshell, is how the new Council of Ministers looks...
Graphics courtesy KBK
— PIB India (@PIB_India)
सबसे कम उम्र के मंत्री
अनुराग सिंह ठाकुर (44 साल)
मनसुख मंडाविया (46 साल)
संजीव बालियान (46 साल)
किरेन रिजिजू (47 साल)
रामेश्वर तेली (48 साल)
देबाश्री चौधरी (48 साल)
सबसे अधिक उम्र के मंत्री
रामविलास पासवान (73 साल)
थावर चंद गहलोत (72 साल)
संतोष कुमार गंगवार (71 साल)
क्यों युवा होती जा रही है सरकार?
2013 में जब भाजपा ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित किया तभी से खबर आती रही कि 2014 के लोकसभा चुनावों में पार्टी उन लोगों को टिकट नहीं देगी, जिनकी उम्र 75 साल से अधिक है. लेकिन ऐसा हुआ नहीं. पार्टी में 75 से अधिक उम्र के कई नेता ऐसे थे जिनका तब की परिस्थितियों में टिकट काटना बेहद मुश्किल काम था. 75 पार वाले नेता चुनाव जीते भी. लेकिन, चुनाव जीतने के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार में उसी नेता को जगह दी गई, जिसकी उम्र 75 से कम है. यही हुआ भी, जब मोदी के मंत्रिमंडल ने 26 मई, 2014 को शपथ ली तो 75 से अधिक उम्र के किसी भी नेता को इसमें जगह नहीं दी गई थी. ऐसा ही इस बार भी देखने को मिला.
एनडीए के तीन घटक दलों के शामिल किया कैबिनेट में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में एनडीए के तीन घटक दलों के नेताओं के शामिल किया गया है. लोजपा के रामविलास पासवान, शिरोमणि अकाली दल से हरसिमरत कौर बादल और शिवसेना के अरविंद सावंत.