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बॉम्बे हाईकोर्ट से तीस्ता सीतलवाड़ को राहत, दो हफ्ते बढ़ी अग्रिम जमानत

सीबीआई जांच का सामना कर रही सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत दे दी है. हाईकोर्ट ने तीस्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी अग्रिम जमानत दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी है. जबकि इसके पहले मुंबई की सेशंस कोर्ट ने तीस्ता की जमानत की याचिका खारिज कर दी थी.

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सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़
सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़

सीबीआई जांच का सामना कर रही सामाजिक कार्यकर्ता को बॉम्बे हाईकोर्ट ने राहत दे दी है. हाईकोर्ट ने तीस्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए उनकी अग्रिम जमानत दो हफ्ते के लिए बढ़ा दी है. जबकि इसके पहले मुंबई की सेशंस कोर्ट ने तीस्ता की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी.

फंड के दुरुपयोग के आरोप
इससे पहले, गुजरात पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद की अग्रिम जमानत का विरोध किया था. तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद ने एनजीओ को मिले फंड का गलत इस्तेमाल करते हुए शराब पीने और महंगे रेस्तरां में दावत करने पर खर्च किया.

सीबीआई ने मारे थे छापे
फंड के दुरूपयोग की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने इस महीने ही तीस्ता के . जांच एजेंसी ने तीस्ता के खिलाफ फॉरेन एक्सचेंज कानून को तोड़ने का आरोप लगाया है. आरोप के मुताबिक 2009 में फोर्ड फाउंडेशन की तरफ से तीस्ता के एनजीओ को दिए गए फंड का गलत इस्तेमाल किया गया.

दंगा पीड़ितों की मदद के लिए था फंड
ये फंड तीस्ता व उसके पति के दो एनजीओ-सबरंग ट्रस्ट व सिटीजन फॉर जस्टिस एंड पीस के जरिये 2002 के दंगा पीड़ितों  की मदद के लिए जुटाए गए थे. क्राइम ब्रांच के मुताबिक जांच में यह पता चला कि तीस्ता ने नैपकिन की खरीद को चिकित्सकीय खर्च में बताया.

NGO की मान्यता होगी रद्द
इस बीच, गृह मंत्रालय तीस्ता सीतलवाड़ के एफसीआरए एक्ट-2010 के तहत रद्द कर सकता है. तीस्ता के दूसरे NGO सीजेपी को भी मंत्रालय प्रायर परमिशन सूची में डाल सकता है. सबरंग ट्रस्ट पर फोर्ड फाउंडेशन से मिले ढाई लाख डॉलर के विदेशी योदगान को एफसीआरए एक्ट के तहत मंजूर क्षेत्र से अलग इस्तेमाल करने का आरोप हैं.

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