सीबीआई जांच का सामना कर रही सामाजिक कार्यकर्ता हो सकती है. गृह मंत्रालय तीस्ता के एनजीओ सबरंग ट्रस्ट की मान्यता एफसीआरए एक्ट-2010 के तहत रद्द कर सकता है. तीस्ता के दूसरे NGO सीजेपी को भी मंत्रालय प्रायर परमिशन सूची में डाल सकता है.
नोटिस भेजने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, तैयार है और अगले हफ्ते इसे ट्रस्ट को भेजा जा सकता है. सबरंग ट्रस्ट पर फोर्ड फाउंडेशन से मिले ढाई लाख डॉलर के विदेशी योदगान को एफसीआरए एक्ट के तहत मंजूर क्षेत्र से अलग इस्तेमाल करने का आरोप है.
शैक्षिक मकसद से बनी थी ट्रस्ट
सबरंग ट्रस्ट की स्थापना शैक्षिक और सामाजिक मकसद से बनाए जाने वाले संगठन के रूप में की गई थी जबकि इसपर फंड का इस्तेमाल वाले मुद्दों पर मीडिया में लॉबिंग के लिए करने का आरोप लगा है.
दूसरे NGO पर भी आरोप
तीस्ता सीलतवाड़ के दूसरे एनजीओ CJP पर कम गंभीर आरोप हैं. इसपर सबरंग ट्रस्ट से पैसे लेने और उन्हें अलग मकसद से इस्तेमाल करने का आरोप लगा है. खातों की जांच के दौरान दोनों एनजीओ में इस तरह की गड़बड़ियों का पता लगा.
गुजरात पुलिस ने भी लगाए थे आरोप
इससे पहले गुजरात पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता . पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद की अग्रिम जमानत का विरोध किया था और दावा किया था कि तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद ने एनजीओ को मिले फंड का गलत इस्तेमाल करते हुए शराब पीने और महंगे रेस्तरां में दावत पर खर्च किया.