पाकिस्तान उच्चायोग में सोमवार रात को किया
गया. इस कार्यक्रम में सरकार का प्रतिनिधित्व विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने भी
किया. कार्यक्रम में कई अलगाववादी नेता भी पहुंचे थे. सिंह ने कार्यक्रम से लौटते ही ट्विटर पर एक के बाद एक ट्वीट में कार्यक्रम को लेकर अपनी राय जाहिर की, जिसमें इस ओर उनका 'असंतोष' झलकता है.
A task or action that a person is bound
to perform for moral or legal reasons
— Vijay Kumar Singh
(@Gen_VKSingh) Ma
rch 23, 2015
The
force that binds one morally or legally to one's
obligations
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh) Ma
rch 23, 2015
A
job or service allocated
— Vijay Kumar Singh
(@Gen_VKSingh) Ma
rch 23, 2015
To sicken or fill with
loathing
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh) Ma
rch 23, 2015
दिलचस्प है कि आखिरी ट्वीट में सिंह ने कहा, ‘एक काम या कार्य जो एक व्यक्ति नैतिक या कानूनी कारणों से करने को बाध्य है.'
To offend the moral sense, principles,
or taste of
— Vijay Kumar Singh (@Gen_VKSingh) Ma
rch 23, 2015
उमर ने किया वीके सिंह का बचाव
जम्म-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पाकिस्तान नेशनल डे पर आयोजित डिनर में पाक उच्चायोग जाने पर वीके सिंह का बचाव किया है. उमर ने ट्वीट कर कहा है कि विदेश राज्यमंत्री होने के नाते राजनयिक आयोजनों में जाना वीके सिंह का दायित्व है.
How ridiculous to expect that Gen VK SIngh would not attend the Pak National Day event. It's his job as MOS EA to attend diplomatic events.
— Omar Abdullah (@abdullah_omar)
अलगाववादियों को भी दावत
बातचीत में हुर्रियत का क्या काम?
पाक नेशनल डे पर अलगाववादी नेताओं के शामिल होने के बीच विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी साफ कर दिया है कि भारत-पाक बातचीत में हुर्रियत या किसी तीसरे पक्ष की कोई जरुरत नहीं है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि विवादित मुद्दों को सुलझाने का एकमात्र रास्ता शामिल समझौते और लाहौर घोषणा पत्र के दायरे में द्विपक्षीय बातचीत है.
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने कहा है कि पाक उच्चायुक्त के साथ हुर्रियत नेताओं की मुलाकात की वजह से बातचीत तोड़ना मूर्खतापूर्ण कदम था. अय्यर ने कहा कि अटलजी के जमाने से हुर्रियत से बातचीत शुरू हुई थी.