लोक सभा चुनावों में हार के बाद ये पहला मौका था जब उतरी हो. कांग्रेस मुख्यालय 24, अकबर रोड से 3, मोती लाल नेहरू मार्ग यानी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के घर तक कांग्रेस नेताओं ने मार्च किया. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में निकले कांग्रेस के इस मार्च का मकसद मनमोहन सिंह को सपोर्ट करना बताया गया.
एक स्पेशल कोर्ट ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला घोटाले में बतौर आरोपी समन जारी किया है. कोर्ट ने मनमोहन सिंह को 8 अप्रैल को पेश होने का हुक्म दिया है. ये मामला तब का है जब कोयला मंत्रालय तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के पास ही था. सीबीआई मनमोहन सिंह से इस मामले में पहले ही पूछताछ कर चुकी है.
इस मार्च के दरम्यान मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेताओं ने कुछ सवाल पूछे तो कुछ सवालों के जवाब से परहेज किया. सीधे सीधे तो नहीं, लेकिन परोक्ष रूप से कांग्रेस ने इस मामले में केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की.
सरकार पर निशाना
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर ऐसे वक्त जानबूझकर खामोशी बरतने का आरोप लगाया, जब सीबीआई ने कोर्ट को बताया है मनमोहन सिंह के पास 2005 में जब कोयला का भी प्रभार था, उस दौरान ओडिशा में कोई अपराध नहीं हुआ. कांग्रेस नेता पी चिदंबरम का कहना है कि सरकार को सीबीआई के साथ खड़े होकर कहना चाहिए कि वो उसके रिपोर्ट के साथ है.
ये पॉलिटिकल मार्च क्यों?
सोनिया गांधी ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि कांग्रेस नेताओं के इस राजनीतिक मार्च से मनमोहन सिंह को इस लड़ाई में क्या मदद मिलेगी. पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी
मीडिया के इस सवाल को टाल गए.
मोइली के निशाने पर कौन?
कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ समन पूरी तरह से नाइंसाफी है. मोइली की शिकायत किससे से हैं? कोर्ट से जिसने समन जारी किया या फिर वो केंद्र सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रहे हैं.
इसका क्या रहस्य है?
मीडिया से बातचीत में चिदंबरम ने एक ऐसी बात कही जिसका मतलब समझ में नहीं आया. चिदंबरम ने कहा कि वो आश्वस्त हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ जारी समन कुछ समय बाद वापस ले लिया जाएगा. सवाल ये उठता है कि आखिर ऐसा क्या होगा कि समन वापस हो जाएगा?
समन मिलने के बाद मनमोहन सिंह के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए 100 से ज्यादा सांसद और सीडब्लूसी के सदस्य इस मार्च में शामिल थे. छुट्टी पर होने के कारण कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नहीं पहुंच पाए.