फाइव स्टार होटल में अब आप आधा हाफ प्लेट खाना भी ऑर्डर कर सकेंगे. यही नहीं, फाइव स्टार होटल अब साफ बचे हुए खाने को फेंकेंगे नहीं, बल्कि उसे जरूरतमंदों को देना होगा. यह व्यवस्था जल्द ही हो जाएगी.
सरकार के ग्रीन एजेंडा के तहत अपने कचरे को फिर से इस्तेमाल करने की नीति के तहत बड़े होटलों को यह कदम उठाने को कहा गया है.
फाइव स्टार होटलों द्वारा भारी मात्रा में कचरा निकालने और पानी का दुरुपयोग किए जाने पर जताई जा रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने होटलों के लिए कुछ दिशा-निर्देश तय किए हैं, जिनमें पर्यावरण अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के लिए ‘ये करें’ और ‘ये ना करें’ की तालिका बनाई गई है.
इन नियमों में फाइव स्टार होटलों से कहा गया है कि वे साफ बचे खाने को स्थानीय आश्रय स्थलों (लोकल शेल्टर होम्स) या फूड बैंक में दान करें और साथ ही खाना बर्बाद होने से बचाने के लिए अपने मेहमानों को आधा प्लेट का ऑर्डर करने की अनुमति भी दें.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा तैयार किए गए ये दिशा-निर्देश पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन ने सोमवार को लोकसभा में पेश किए.
नियमों में फाइव स्टार होटलों से कहा गया है कि वे मेहमानों के कमरों के लिए साबुन, शैंपू और लोशन की ऐसी बोलतें खरीदें, जिन्हें रिफिल किया जा सके. आंशिक रूप से इस्तेमाल किए गए उत्पादों को दान करें तथा तौलिए और चद्दरें सौ फीसदी प्राकृतिक सूत से निर्मित ही खरीदें, जिनमें किसी प्रकार के रसायन, डाई या ब्लीच का इस्तेमाल नहीं किया गया हो. इसके साथ ही इस्तेमाल किए गए पुराने बिस्तर चद्दरें स्थानीय आश्रय स्थलों को दान दें.
नटराजन ने कहा कि फाइव स्टार होटलों को उचित पर्यावरण अनुकूल कदम उठाने को कहा गया है.