पूर्व रेल मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सीके जाफर शरीफ का के एक स्थानीय निजी अस्पताल में रविवार को निधन हो गया. वे 85 वर्ष के थे. शरीफ अस्पताल के आईसीयू में भर्ती थे. वह पिछले कुछ वर्षों से बीमार चल रहे थे और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी.
जाफर शरीफ के परिजनों ने शुक्रवार को उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया था.
Senior Congress leader CK Jaffer Sharief passes away in a hospital in Bengaluru. He was 85 years old.
— ANI (@ANI)
पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज जाफर शरीफ ने छोड़ दी थी. शरीफ 7 बार कांग्रेस के सांसद रहे और एक बार रेल मंत्री का पद उन्होंने संभाला था. साल 2014 में उन्हें टिकट न देकर युवा कांग्रेस अध्यक्ष रिजवान अरशद को बेंगलुरु दक्षिण से चुनाव लड़ाया गया था. यह बात जाफर शरीफ को पसंद नहीं आई और उन्होंने अपना इस्तीफा तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष को भेज दिया.
जेडीएस नेता एचडी देवगौड़ा ने जाफर शरीफ को अपनी पार्टी में शामिल होने का आग्रह किया था जिसे शरीफ ने ठुकरा दिया. जाफर शरीफ ने देवगौड़ा को कहा था कि वे जेडीएस में शामिल नहीं होंगे लेकिन तीसरे मोर्चे को मजबूत करने के लिए हरसंभव मदद करेंगे.
एक दिन पहले शनिवार को एक और कांग्रेस नेता एम. एच अंबरीश का बेंगलुरु में निधन हो गया. अंबरीश अभिनेता से राजनेता बने थे. 66 साल के कन्नड़ सुपरस्टार रहे अंबरीश पिछली कांग्रेस सरकार में मई 2013 से जून 2016 तक कैबिनेट मंत्री रहे. अंबरीश 2006-07 में यूपीए सरकार के दौरान सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री थे. अंबरीश मंड्या लोकसभा सीट से सांसद थे.