केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लोकसभा में अपना पहला संबोधन दिया. इस दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को 6 महीने तक और बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसे लेकर विपक्ष के कई नेताओं ने आपत्ति भी जताई. वहीं, उन्होंने जम्मू-कश्मीर आरक्षण विधेयक पेश किया, जो लोकसभा से आज पारित हो गया. इसके अलावा धारा 370 पर उन्होंने कहा कि संविधान में यह धारा स्थाई नहीं है. उन्होंने कहा कि 370 हमारे संविधान का अस्थायी मुद्दा है और ये शेख अब्दुल्ला साहब की अनुमति से ही हुआ है.
अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है, आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना है. उन्होंने कहा कि हमें भरोसा है कि जनता के सहयोग से हम जरूर कामयाब होंगे. साथ ही कहा कि देश की सुरक्षा और जनता की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है.Article 370 is the temporary provision in the Constitution of India: Home Minister Shri in Lok Sabha
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अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर में 356 का इस्तेमाल हमने विशेष परिस्थिति में किया. अभी तक 132 बार 356 धारा के इस्तेमाल देश में हुआ है, जिसमें से 93 बार कांग्रेस ने इस्तेमाल किया. शाह ने कहा कि बीजेपी ने कभी भी राजनीतिक विद्वेष की वजह से 356 का इस्तेमाल नहीं किया.
आगे अमित शाह ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल भारतीय जनता पार्टी अकेली नहीं लड़ी है, इससे पहले भी जो पार्टी सरकार में रही है उन्होंने भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, लेकिन इतना जरूर कहना चाहता हूं कि लड़ाई लड़ने के तरीके में अंतर जरूर आया है.
उन्होंने कहा कि जहां आतंकवाद की जड़ है, हमने उनके घर में घुसकर लड़ाई लड़ी है, उनको मिटाया है, हमने सर्जिकल स्ट्राइक की, हमने एयर स्ट्राइक की. दोनों ही स्ट्राइक में एक भी नागरिक की मौत नहीं हुई है, उसमें केवल आतंकवादी मारे गए हैं.
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