पहले दो दिवसीय दौरे पर जम्मू-कश्मीर पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को अमरनाथ यात्रा के लिए चाक-चौबंद सुरक्षा इंतजाम करने के आदेश दिए हैं. अमित शाह ने सभी सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा है और श्रद्धालुओं के लिए हिंसा और गड़बड़ी मुक्त यात्रा मुहैया कराने को कहा है. अमित शाह ने कहा कि इस दौरान किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और हर हाल में स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर फॉलो किया जाना चाहिए, उन्होंने सीनियर अधिकारियों को खुद व्यवस्थाओं का जायजा लेने को कहा.
गृह मंत्रालय ने अधिकारियों से कहा है कि वे यात्रा को सफल बनाने के लिए आधुनिक तकनीक और गैजेट्स का इस्तेमाल करें. अमित शाह ने यात्रियों की सुविधाओं पर जोर देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं के जत्थे को वक्त पर और पूरी सुविधा के साथ रवाना किया जाना चाहिए. इसके अलावा बेस कैंपों में उन्होंने यात्रियों को पूरी सुविधा मुहैया कराने को कहा.
Union Home Minister, Shri chaired a meeting in Srinagar to review the security arrangements for the holy Amarnath Yatra.
— गृहमंत्री कार्यालय, HMO India (@HMOIndia)
गृह मंत्री ने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान जब भी सैन्य बलों का मूवमेंट हो उस वक्त सभी एंट्री प्वाइंट पर बैरिकेड लगाए जाने चाहिए. बता दें कि सेना का मूवमेंट वो अहम वक्त होता है जब आतंकी आर्मी को निशाना बनाते हैं. उन्होंने कहा कि इन एंट्री प्वाइंट की 24 घंटे 7 दिन निगरानी होनी चाहिए.
मौसम पर खास निगाह
गृह मंत्री ने अमरनाथ यात्रा के दौरान मौसम की गड़बड़ियों से निपटने के लिए सैन्य बलों को खास तौर पर तैयार रहने को कहा. अमित शाह ने कहा कि आकस्मिक और आपदा से निपटने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्राप्त बलों को तैयार रहना चाहिए.
गृह मंत्री ने राज्यों के तीनों क्षेत्र जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकार के विकास के एजेंडे में सभी समुदाय के लोग शामिल हैं और इसमें कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा.
अमित शाह के दौरे की जानकारी देते हुए आतंरिक सुरक्षा पर विशेष सचिव ए पी माहेश्वरी ने कहा कि सुरक्षा मानकों का सेफ्टी ऑडिट किया जाना चाहिए. शाह ने करप्शन के खिलाफ कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि एंटी करप्शन ब्यूरो को पावरफुल और ऊंचे ओहदों पर काबिज आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इन मामलों का अदालत स्पीडी ट्रायल होना चाहिए और दोषियों को सजा दी जानी चाहिए.