पंजाब के तरन तारन के थाना सरहाली पर हुए वर्ष 2022 में बहुचर्चित आरपीजी (रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड) हमले के आरोपी अजीत उर्फ अजमीत सिंह की शुक्रवार देर रात गोली मारकर हत्या कर दी गई. वारदात थाना सरहाली के अंतर्गत आने वाले गांव नौशहरा पन्नूआं में हुई. बताया जा रहा है कि अजमीत शुक्रवार देर रात गांव के सरकारी अस्पताल के बाहर खड़ा था, तभी बाइक पर सवार होकर आए दो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. गोली लगने से अजमीत की मौके पर ही मौत हो गई. अजमीत सिंह आरपीजी हमले में बठिंडा जेल में बंद था और जमानत पर बाहर था.
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. पुलिस हमलावरों की पहचान और हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है. अजमीत सिंह का नाम 9 दिसंबर 2022 को थाना सरहाली पर हुए आरपीजी हमले की जांच में सामने आया था. उस रात करीब 11:18 बजे दो नाबालिग हमलावरों ने थाने की इमारत पर आरपीजी-26 से हमला किया था.
मामले की जांच में जुटी पुलिस
हमले के बाद पंजाब पुलिस ने विदेशी नेटवर्क से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने का दावा किया था. अब आरपीजी हमले के इस आरोपी की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है. पुलिस हत्या के पीछे पुरानी रंजिश, आपराधिक विवाद या किसी अन्य वजह समेत सभी पहलुओं से जांच कर रही है.
एसपी इन्वेस्टिगेशन डॉक्टर रिपुतापन सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि किसी व्यक्ति की नौशहरा पणुआ में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई है. पुलिस मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लिया. मृतक की पहचान अजमीत सिंह के रूप में हुई है. प्राथमिक जांच में मामला निजी दुहमनी कंलग रहा है. पुलिस जांच कर रही है.