नांदेड़ के माता साहिब गुरुद्वारा परिसर में पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है. आरोपी जसपाल सिंह को आज मुदखेड़ अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 24 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं हमले के दौरान बादल को बचाते हुए घायल हुए पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे को अब पूरी तरह ठीक बताया जा रहा है और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी है.
मुदखेड़ पुलिस स्टेशन में आरोपी जसपाल सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, यानी जान से मारने की कोशिश, और धारा 353, यानी सरकारी काम में रुकावट डालने के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत केस दर्ज किया गया है.
शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत के सामने पेश किया, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए 24 अगस्त तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इस हमले के पीछे असली वजह क्या थी और आरोपी से पूछताछ में और कौन सी जानकारी सामने आती है.
यह भी पढ़ें: 'सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच हो', मजीठिया की मांग, आरोपी पर लगीं कई धाराएं
इस हमले में सुखबीर बादल की जान बचाने के लिए अपनी जान की परवाह न करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे की सेहत अब पूरी तरह स्थिर है. डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया है.
इस बीच संतोष केंद्रे की पत्नी ने मीडिया से बात करते हुए अपने पति के साहस पर गर्व जताया. उन्होंने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी टीवी न्यूज के जरिए दोपहर करीब 2:40 बजे मिली थी. उन्होंने कहा कि उनके पति ने अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जान बचाई, जिस पर उन्हें बेहद खुशी और गर्व है. हमले के बाद बादल परिवार भी अस्पताल पहुंचा और पुलिस अफसर का हाल जानकर उनकी बहादुरी के लिए आभार जताया.
गौरतलब है कि हमले में घायल हुए सुखबीर बादल का एक निजी अस्पताल में इलाज किया गया था, जहां उनके हाथ की एक छोटी सर्जरी की गई. इलाज करने वाले डॉक्टर देवेंद्र मालीवाल ने बताया कि आज मेडिकल जांच के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. हमले के वक्त बादल के साथ मौजूद इंस्पेक्टर संतोष केंद्रे को भी हाथ पर मामूली चोट आई थी, जब वे हमले को रोकने की कोशिश कर रहे थे. उनके हाथ की भी छोटी सर्जरी की गई और मेडिकल जांच के बाद उन्हें भी छुट्टी दे दी गई.
इनपुट: कुंवरचंद मंडले