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7 MPs की 'घर वापसी' को लेकर राष्ट्रपति से मिलेंगे CM भगवंत मान, मनीष सिसोदिया बोले- AAP एकजुट है

AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में जाने के बाद पंजाब की राजनीतिक हलचल तेज है. CM भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं. AAP इसे जनादेश से विश्वासघात बता रही है, जबकि BJP आरोपों को खारिज कर रही है.

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BJP में जाने वाले AAP सांसदों पर भड़के भगवंत मान, मनीष सिसोदिया ने पार्टी पर जताया भरोसा. (File Photo- PTI)
BJP में जाने वाले AAP सांसदों पर भड़के भगवंत मान, मनीष सिसोदिया ने पार्टी पर जताया भरोसा. (File Photo- PTI)

आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगने के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ऐलान किया है कि वो 5 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर राज्यसभा सांसदों के पाला बदलने का मुद्दा उठाएंगे. उन्होंने कहा, ''मैं 5 मई को दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति से मिलने जा रहा हूं और इस मुद्दे को उनके सामने रखूंगा.''

उन्होंने कहा कि वह सांसदों को वापस बुलाने के सवाल पर भी राष्ट्रपति से चर्चा करेंगे, भले ही मौजूदा कानून में ऐसा कोई स्पष्ट प्रावधान न हो. हाल ही में आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पाला बदलकर BJP का दामन थाम लिया. इनमें राघव चड्ढा, राजिंदर गुप्ता, हरभजन सिंह, अशोक मित्तल आदि सांसद शामिल थे.

इनमें से छह सांसद पंजाब से थे. CM भगवंत मान ने इन नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक बार फिर गद्दार करार दिया. BJP की ओर से इस शब्द पर आपत्ति जताए जाने पर उन्होंने कहा, ''जो लोग जनता के जनादेश का दुरुपयोग करते हैं, वे निश्चित रूप से गद्दार हैं.'' इस घटनाक्रम के बाद AAP ने कई जगह विरोध प्रदर्शन किए थे. 

हरभजन सिंह समेत कुछ सांसदों के घरों के बाहर गद्दार तक लिख दिया गया था. इस पूरे विवाद के बीच मनीष सिसौदिया ने पार्टी की एकजुटता पर जोर दिया. उन्होंने कहा, ''हम सब एकजुट हैं. हम सब साथ हैं. कुछ लोगों के जाने से AAP को कोई नुकसान नहीं होगा. ये मामला विचाराधीन है और हमने अपनी आपत्तियां पहले ही दर्ज करा दी हैं.''

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पंजाब के AAP अध्यक्ष अमन अरोरा ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ''ये लोग पीठ में छुरा घोंपने वाले हैं. राघव चड्ढा और संदीप पाठक कई विधायकों को पार्टी में लाए थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि विधायक भी पार्टी छोड़ देंगे.'' वहीं जालंधर के नकोदर से विधायक इंद्रजीत कौर ने इस पूरे मामले को ज्यादा तूल न देने की बात कही है. 

उन्होंने कहा, ''पार्टी नेताओं से बड़ी होती है. नेता आते-जाते रहते हैं, लेकिन संगठन कायम रहता है.'' उन्होंने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि वह ऐसे नेताओं का इस्तेमाल कर बाद में उन्हें छोड़ देती है, जैसा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के मामले में हुआ. उन्होंने कहा कि उनसे किसी ने पार्टी छोड़ने के लिए संपर्क नहीं किया है. वो AAP के साथ खड़ी हैं.

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