हरभजन सिंह (ई.टी.ओ.) (Harbhajan Singh) एक भारतीय राजनीतिज्ञ और जंडियाला विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. वह 2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में अपने विधानसभा क्षेत्र (Jandiala Constituency) से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार चुने गए (Harbhajan Singh, AAP Candidate).
2022 पंजाब विधानसभा चुनाव में हरभजन सिंह ने जंडियाला विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की और मुख्य मंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann, CM Punjab) की सरकार में बिजली मंत्री पद के लिए 19 मार्च 2022 को शपथ ग्रहण किया (Harbhajan Singh ETO, Minister of Power).
10 मार्च को आए नतीजों में हरभजन सिंह को अपने निर्वाचन क्षेत्र में कुल 59,724 वोट मिले (Harbhajan Singh Total Vote), जिसमें ईवीएम वोटों की संख्या 59,301 (Harbhajan Singh EVM Vote) और पोस्टल वोटों की संख्या 423 थी (Harbhajan Singh Postal Vote). उन्हें 46.41 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए (Harbhajan Singh Vote Percent).
हरभजन सिंह ने कांग्रेस के उम्मीदवार और मौजूदा विधायक सुखविंदर सिंह डैनी बंडाला (Sukhwinder Singh Danny Bandala) को 25,383 वोटों के अंतर से हराया और शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के उम्मीदवार सतिंदरजीत सिंह छज्जलवडी (Sinderjit Singh Chhajjalwaddi) 33,422 वोटों के भारी अंतर से हराकर जीत हासिल की (Harbhajan Singh won 2022 Punjab Legislative Assembly Election).
हरभजन सिंह पीसीएस परीक्षा पास करने के बाद, वह 2012 में एक आबकारी और कराधान अधिकारी बन गए, लेकिन उन्होंने 2017 में ईटीओ के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली और उसी साल पंजाब के जंडियाला निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा. उन्होंने 2017 में 33,912 वोट हासिल किए और सबसे अधिक वोट पाने वालों में से थे (Harbhajan Singh Career).
पंजाब की राजनीति में सोमवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के मौसेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली. हरियाणा CM नायब सिंह सैनी और पंजाब BJP अध्यक्ष सुनील जाखड़ की मौजूदगी में वो BJP में शामिल हुए.
BJP में शामिल हुए राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ पंजाब में दो FIR दर्ज होने के बाद सियासी तूफान खड़ा हो गया है. पुलिस की टीम जब उनके दिल्ली स्थित घर पहुंची, उससे पहले ही वे निकल गए. आरोप गंभीर हैं, लेकिन उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है.
हरभजन सिंह ने अपनी सुरक्षा हटाए जाने के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया. उन्होंने सुरक्षा बहाली और घर के बाहर 'गद्दार' लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की. कोर्ट ने पंजाब सरकार और केंद्र से जवाब मांगा और फिलहाल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
हरभजन सिंह की सुरक्षा हटाए जाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है. उन्होंने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुरक्षा बहाल करने की मांग की है. कोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई तक सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. यह मामला सुरक्षा, राजनीति और कानून के बीच के संतुलन को लेकर कई सवाल खड़े कर रहा है.
AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में जाने के बाद पंजाब की राजनीतिक हलचल तेज है. CM भगवंत मान 5 मई को राष्ट्रपति से मिलने वाले हैं. AAP इसे जनादेश से विश्वासघात बता रही है, जबकि BJP आरोपों को खारिज कर रही है.
पंजाब में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच हरभजन सिंह और अन्य नेताओं को केंद्रीय सुरक्षा दिए जाने का फैसला चर्चा में है. राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा हटाने के तुरंत बाद यह कदम उठाया गया है. विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा चिंताओं के बीच केंद्र की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है. इससे साफ है कि हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद हालात संवेदनशील बने हुए हैं और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है
हरभजन सिंह के खिलाफ AAP का विरोध, Video.
पंजाब में आम आदमी पार्टी से भाजपा में गए राज्यसभा सांसदों को लेकर सियासी तूफान तेज हो गया है. हरभजन सिंह के घर के बाहर 'पंजाब का गद्दार' लिखकर विरोध जताया गया. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दलबदल करने वालों को गद्दार बताते हुए भाजपा पर डर, लालच और दबाव से पार्टी तोड़ने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि भाजपा क्षेत्रीय दलों को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है. मान ने दावा किया कि कुछ नेताओं के जाने से न पंजाब बदलेगा, न आम आदमी पार्टी कमजोर होगी.
आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय कर राजनीतिक हलचल मचा दी है. इस सूची में संदीप पाठक का नाम सबसे चौंकाने वाला है, जो बीजेपी के मुखर विरोधी थे. राघव चड्ढा समेत अन्य नेताओं के बीजेपी में शामिल होने से 'आप' की स्थिति कमजोर होती दिख रही है.
राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, "मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं."
हरभजन सिंह ने अप्रैल 2022 में आम आदमी पार्टी जॉइन की थी. AAP में उनकी पारी चार सालों की रही. सीएम भगवंत मान को शुक्रवार को जब पता चला कि कुछ सांसद पार्टी छोड़ने वाले हैं तो उन्होंने सबसे पहले हरभजन सिंह को फोन लगाया, लेकिन सूत्र बताते हैं कि कई बार कॉल लगाने के बावजूद हरभजन ने सीएम का कॉल नहीं उठाया.
राघव चड्ढा सहित कई राज्यसभा सांसदों ने AAP छोड़कर बीजेपी जॉइन करने का ऐलान किया है. दो-तिहाई सांसदों के बीजेपी में विलय के दावे से AAP में बड़ी टूट और अंदरूनी संकट गहरा गया है.
आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता राघव चड्ढा ने पार्टी के सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है. उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल सहित कुल 7 राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. राघव ने खुद को 'गलत पार्टी में सही आदमी' बताते हुए कहा कि अब वे जनता के हित में काम करेंगे. इस बड़ी टूट से राज्यसभा में AAP का कुनबा बिखर गया है और केजरीवाल की संसदीय शक्ति को करारा झटका लगा है
जनकपुरी हादसे ने दिल्ली की सियासत गरमा दी है. पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे AAP प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया. उन्होंने पुलिस और BJP सरकार पर लापरवाही और सच्चाई छिपाने के आरोप लगाए थे.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि नागपुर में पुलिस पर हमला करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने पंजाब सरकार की नशा तस्करों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर अपने बयान को लेकर यू-टर्न ले लिया है.
पंजाब सरकार ने राज्य में नशा तस्करों और अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की है, जिससे कई विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया था. हरभजन सिंह ने भी इस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, लेकिन अब उन्होंने खुलकर समर्थन जताया है.
पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी में मतभेद उभरा है. राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने इस कार्रवाई का विरोध किया है, जबकि पार्टी नेता सोमनाथ भारती ने इसका समर्थन किया है. हालांकि, इस कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं और मामला पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में भी पहुंच गया है.
पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ चल रहे बुलडोजर अभियान पर आम आदमी पार्टी में मतभेद उभरा है. पार्टी नेता हरभजन सिंह ने इस कार्रवाई का विरोध किया है, जबकि पंजाब के मंत्री अमन अरोड़ा और पार्टी नेता सोमनाथ भारती ने अभियान का समर्थन किया है.
दिल्ली चुनाव के लिए प्रचार के अंतिम चरण में हर दल ने अपने बड़े चेहरों को मैदान में उतारने का प्लान बनाया है. आम आदमी पार्टी ने भी अंतिम चरण के लिए आक्रामक प्रचार रणनीति बनाई है. क्रिकेटर से राजनेता बने राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की भी दिल्ली के प्रचार में एंट्री हो रही है.
मनीष सिसोदिया ने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है. अब वह अपने परिवार के साथ AAP सांसद हरभजन सिंह के बंगले 32, राजेंद्र प्रसाद रोड में शिफ्ट हो गये हैं. बता दें कि अभी तक वह जिस बंगले में रह रहे थे, वह आतिशी के नाम पर अलॉट था.
AAP सांसद हरभजन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून की मांग करता हूं. ऐसा कानून महिलाओं के खिलाफ होने वाली वारदातों को रोकने के लिए जरूरी है. सभी को मिलकर इस पर काम करना चाहिए ताकि कोई भी दरिंदा ऐसी हरकत करने से पहले 1000 बार सोचे.