मनीष सिसोदिया
मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) एक भारतीय राजनेता और फरवरी 2015 से दिल्ली सरकार में उपमुख्यमंत्री (Former Deputy Chief Minister of Delhi) रहे थे. दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 (Delhi Assembly Election 2025) के लिए आप ने उन्हें दिल्ली के जंगपुरा सीट से उम्मीदवार चुना था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा. मनीष सिसोदिया 21 मार्च 2025 को पंजाब का प्रभारी नियुक्त किया गया.
इससे पहले, वह दिसंबर 2013 और फरवरी 2014 के बीच दिल्ली के एनसीटी सरकार में कैबिनेट मंत्री (Government of NCT of Delhi) थे. उनके पास शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, वित्त, योजना, उत्पाद शुल्क, जीएसटी, सतर्कता, सेवाएं, पर्यटन, भूमि और भवन, कला, संस्कृति और भाषा विभाग हैं.
दिल्ली विधानसभा के लिए चुने जाने से पहले, सिसोदिया एक सामाजिक कार्यकर्ता (Social Activist)) और पत्रकार (Journalist) थे. वह आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति और आम आदमी पार्टी के संस्थापक सदस्य हैं. वह पटपड़गंज निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार निर्वाचित विधायक भी (MLA from Patparganj Constituency) हैं.
मनीष सिसोदिया का जन्म 5 जनवरी 1972 को (Manish Sisodia Date of Birth) उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के फगौता गांव के एक राजपूत परिवार में हुआ था. उनकी स्कूली शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में हुआ था. बाद में, उन्होंने पत्रकारिता में डिप्लोमा पूरा करने के बाद एक पत्रकार के रूप में अपना करियर शुरू किया. 1997 और 2005 के बीच एक रिपोर्टर, समाचार निर्माता और समाचार पाठक के रूप में जी न्यूज के लिए काम किया (Manish Sisodia Education).
सिसोदिया 2011 में अन्ना हजारे के नेतृत्व वाले इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन में भी भाग लिया था.
सिसोदिया आम आदमी पार्टी (आप AAP) के प्रमुख संस्थापक सदस्यों में से एक थे. दिसंबर 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में उन्हें विधान सभा के सदस्य के रूप में चुना गया था (Member Aam Aadmi Party).
सिसोदिया ने एक किताब लिखी है शिक्षा: एक शिक्षा मंत्री के रूप में मेरे प्रयोग (Shiksha: My Experiments as an Education Minister), जो दिल्ली में शिक्षा सुधारों की यात्रा का वर्णन करता है (Manish Sisodia Book).
इनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @msisodia है और फेसबुक पेज का नाम Manish Sisodia है. वे इंस्टाग्राम पर msisodia.aap यूजरनेम से एक्टिव है.
दिल्ली शराब नीति मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के खिलाफ CBI की चुनौती पर कोर्ट ने आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दे दिया है.
दिल्ली शराब नीति मामले में सीबीआई द्वारा राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती देने के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है. हाई कोर्ट ने मामले में नोटिस जारी कर पक्षों से जवाब मांगा है. इस बीच बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है.
दिल्ली शराब घोटाला मामले को आज हाई कोर्ट में सुनवाई हुई. पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित 23 आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया था. जिसके बाद सीबीआई ने इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.
पंजाब की भगवंत मान सरकार अपने सबसे बड़े चुनावी वादे को अमलीजामा पहनाने जा रही है. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा पेश किए जाने वाले बजट 2026-27 के लाइव प्रसारण के लिए आम आदमी पार्टी ने कमर कस ली है. महिलाओं को ₹1000 प्रति माह देने की घोषणा के लिए बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी.
दिल्ली विधानसभा के 'फांसी घर' के नवीनीकरण और उद्घाटन से जुड़े विवाद में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आज 6 मार्च को विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होंगे. केजरीवाल ने इस पूरी कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की मांग की है, ताकि जनता के प्रति पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे.
देश की राजनीति के लिए यह दिन बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार ने ईडी और सीबीआई के माध्यम से सत्ता में बने रहने के लिए एक षडयंत्र रचा था. यह षडयंत्र अब पूरी तरह विफल हो गया है। देश में कई विपक्षी दल के नेता ईमानदारी से काम कर रहे हैं और विशेष रूप से आम आदमी पार्टी गंभीरता और ईमानदारी के साथ अपने कार्यों में लगी हुई है.
आबकारी नीति से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया. कोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में कहा कि सीबीआई आरोपों के समर्थन में ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य पेश नहीं कर सकी.
दिल्ली आबकारी नीति मामले में स्पेशल जज जितेंद्र प्रताप सिंह ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत 21 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया. वह पहले भी कई अहम मामलों की सुनवाई कर चुके हैं. उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह से जुड़े केस को दोबारा खोलने का आदेश दिया था. वहीं अमानतुल्लाह खान को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रिहा करने का आदेश भी जज जितेंद्र प्रताप सिंह ने ही दिया था.
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले के मामले में अदालत ने निर्दोष माना है. राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, के. कविता समेत सभी 23 आरोपियों को इस मामले से बरी कर दिया है. यह फैसला सभी आरोपितों के पक्ष में अहम साबित हुआ है. देखें वीडियो.
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शराब घोटाला केस में न सिर्फ अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया बल्कि सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया. बरी होने वालों में पूर्व सांसद के. कविता भी शामिल हैं. हालांकि फैसले को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है.
कोर्ट के आदेश से साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल कट्टर ईमानदार नेता हैं. शराब घोटाला मामले में दिल्ली की राउस एवेन्यू कोर्ट ने केजरीवाल सहित सभी आरोपियों को बरी किया, कोर्ट ने कहा कि शराब नीति में कोई गड़बड़ी के सबूत नहीं मिले. जांच अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए, इस फैसले के बाद राजनैतिक और कानूनी दोनों स्तर पर चर्चाएं जारी हैं. बीजेपी ने फैसले को तकनीकी बरी बताया है, जबकि कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाये हैं.
दिल्ली की शराब घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया. मनीष सिसोदिया ने आजतक से ख़ास बातचीत में कहा कि ये केस पूरी तरह झूठा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ये सब बीजेपी के इशारे पर हो रहा है. देखें वीडियो.
दिल्ली की शराब नीति मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. इस मामले में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट ने दोनों नेताओं को क्लीन चीट देते हुए कहा कि आरोपों के लिए कोई प्रमाण नहीं मिल सके.
दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत सभी 23 आरोपियों को बरी करते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने जांच एजेंसी की चार्जशीट और जांच प्रक्रिया पर कड़ी टिप्पणी की. विशेष जज जितेंद्र सिंह ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और विश्वसनीय सबूत पेश करने में विफल रहा, चार्जशीट में कई खामियां हैं और किसी आपराधिक साजिश या नीति में हेरफेर का प्रमाण नहीं मिला.
विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह की अदालत ने शुक्रवार को CBI की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार करते हुए केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज कर दिया था. इस फैसले को सीबीआई ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
दिल्ली आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को डिस्चार्ज किए जाने और ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई को फटकार लगाए जाने के बाद एजेंसी ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. फैसले के बाद केजरीवाल ने विजय जुलूस निकालकर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर हमला बोला और कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए नेताओं की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाया.
दिल्ली लिकर पॉलिसी केस में पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बरी कर दिया है. सिसोदिया ने कहा कि यह मामला पूरी तरह झूठा था और उनकी ईमानदारी साबित हुई है.
Excise Policy Case Live Updates: राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली की शराब नीति मामले में दिल्ली के अरविंद केजरीवाल और उनके साथी मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया है. कोर्ट ने जांच एजेंसी के सबूतों को कमजोर और अपर्याप्त बताया, साथ ही कहा कि आरोपों के लिए ठोस और पर्याप्त सबूत जरूरी होते हैं, जो इस मामले में नहीं थे.
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लिकर पॉलिसी मामले में पूर्व एलजी अनिल बैजल के बयान और आधिकारिक फाइल नोटिंग के बीच विरोधाभास पाया है. कोर्ट ने कोविड के दौरान फाइलों की डिजिटल मूवमेंट और कई बैठकों के बावजूद इनफॉर्मल नोट्स को फाइल में शामिल न करने का भी उल्लेख किया.
मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल को लेकर मनोज तिवारी ने हाल ही में बयान दिया है. उन्होंने कहा कि दोनों को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अभी ऊपरी अदालतों से उन्हें कोई राहत नहीं मिली है. मनोज तिवारी ने इस मामले पर अपनी बात रखी है और साफ किया है कि कानूनी प्रक्रिया अभी पूरी होनी बाकी है. देखें वीडियो.
दिल्ली की अदालत ने आबकारी नीति मामले में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया समेत 21 अन्य आरोपियों को डिस्चार्ज करते हुए सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया. फैसले के बाद विपक्षी नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा. अखिलेश यादव ने इसे बीजेपी के लिए ‘नैतिक मृत्युदंड’ बताया, जबकि महबूबा मुफ्ती ने कहा कि इससे जांच एजेंसियों की मनमानी उजागर हुई है.