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Exclusive: बाइक पर आए, गोली मारी और फरार... पंजाब में पुलिसवालों की टारगेट किलिंग का खतरनाक पैटर्न

पंजाब में बाइक सवार हमलावरों ने एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी. यह इस साल राज्य में पुलिसकर्मियों पर चौथा जानलेवा टार्गेटेड हमला है. इन घटनाओं के क्रॉस-बॉर्डर लिंक्स जुड़े होने की बात सामने आई है.

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यह इस साल पुलिस कर्मियों पर चौथा जानलेवा टारगेटेड हमला है. (फाइल फोटो-ITG)
यह इस साल पुलिस कर्मियों पर चौथा जानलेवा टारगेटेड हमला है. (फाइल फोटो-ITG)

पंजाब के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) हरजीत सिंह की 18 सितंबर की सुबह अमृतसर में भगतनवाला ग्रेन मार्केट के पास दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी. 

यह हत्या राज्य में इस साल पुलिस कर्मियों पर चौथा जानलेवा टारगेटेड हमला है और इसने 'हिट-एंड-रन' फायरिंग के बार-बार होने वाले पैटर्न पर चिंता बढ़ा दी है.

तरनतारन के रहने वाले ASI हरजीत सिंह गेट हकीमा पुलिस स्टेशन में तैनात थे. जब हमलावरों ने गोली चलाई, तो वह ग्रेन मार्केट के पास ड्यूटी पर थे. पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कहा कि शुरुआती जांच से पता चला है कि हरजीत सिंह गुरुवार रात करीब 9:30 बजे ड्यूटी के लिए निकले थे.

जांचकर्ता CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं और टावर डंप के जरिए मोबाइल-फोन डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं.  DGP ने बाद में मारे गए अधिकारी के परिवार से मुलाकात की.

ASI जसवंत सिंह पर भी हुआ था हमला

बता दें, यह हमला 11 सितंबर को हुए एक हमले के ठीक बाद हुआ है. अजनाला इलाके में तैनात ASI जसवंत सिंह पर अपनी शिफ्ट के बाद घर लौटते समय भल्ला गांव के पास बाइक सवार हमलावरों ने हमला किया था.

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एक गोली उनके सिर को छूती हुई पगड़ी से निकल गई, जिससे उनकी जान बच गई. वह अपनी बाइक से अजनाला पुलिस स्टेशन पहुंचने में कामयाब रहे. बाद में उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई.

जल्द ही 'तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) ने ASI जसवंत सिंह मामले की जिम्मेदारी ली. खुफिया एजेंसियों का मानना है कि TTH गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़ा है. जांचकर्ताओं को यह भी संदेह है कि ASI हरजीत की हत्या भी उसी मॉड्यूल ने की थी. 

सूत्रों का कहना है कि ऐसा लगता है कि हमलावर घात लगाए बैठे हैं और केवल अकेले पुलिसकर्मी पर हमला करने के मौके की तलाश में हैं. जो घर जा रहा हो या सुबह-सुबह ड्यूटी पर आ रहा हो.

बता दें, शहजाद भट्टी नेटवर्क पर गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर को UAPA के तहत प्रतिबंध लगा दिया था. यह समूह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर उकसाने के अलावा सीमा पार हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल है.

स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले, सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में छापेमारी की और समूह के 200 सदस्यों को गिरफ्तार किया.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ISI-फंडेड समूह से भारी मात्रा में सामान बरामद किया गया, जिसमें IED, पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान वाले ग्रेनेड, पिस्तौल, जिंदा कारतूस और जासूसी के लिए इस्तेमाल होने वाले CCTV कैमरे शामिल हैं.

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