प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रॉयल एस्टेट ग्रुप के प्रमोटर प्रवीण कंसल और नीरज कंसल को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. दोनों की मोहाली के एक हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार की गई है.
जानकारी के मु्ताबिक, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत चंडीगढ़, जीरकपुर और पंजाब के कई इलाकों में छापेमारी की थी. इसके बाद ईडी ने ये गिरफ्तारी की. दरअसल, ये छापेमारी 'मेसर्स चंडीगढ़ रॉयल सिटी प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड' (CRCPL) और रॉयल एस्टेट ग्रुप से जुड़े ठिकानों पर की गई थी.
ईडी ने ग्रुप के जीरकपुर हेड ऑफिस के साथ-साथ इसके डायरेक्टरों और एसोसिएट्स के घरों में भी सर्च ऑपरेशन चलाया था. छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने डॉक्यूमेंट्स, डिजिटल डिवाइस, फाइनेंशियल रिकॉर्ड और प्रॉपर्टी से जुड़े पेपर्स जब्त किए हैं.
क्या है मामला?
बता दें, ईडी की जांच पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है. यह मामला 'ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी' (GMADA) के साथ धोखाधड़ी क्रिमिनल साजिश और स्टैच्यूटरी पेमेंट्स से जुड़ा है. कंपनी पर आरोप है कि उसने मोहाली के कराला गांव में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट शुरू किया था. इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में कंपनी ने 32.67 करोड़ रुपये के चेक जारी किए थे, जो बाउंस हो गए.
ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कंपनी पर GMADA का काफी पैसा बकाया है. कंपनी ने प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों से पैसे जुटाए और अपनी सहयोगी कंपनियों में ट्रांसफर कर दिये. आरोप है कि इन पैसों को अलग-अलग कंपनियों के जरिए घुमाया गया है. बैंक खातों में कई संदिग्ध लेन-देन मिले हैं और पैसे की कथित लेयरिंग का भी पता लगाया गया हैं.
ED ने कुछ अन्य साथियों के ठिकानों पर भी तलाशी ली है, जिनमें दलजीत सिंह, अनुराग मिधा, लियाकत अली और सुमित बंसल शामिल हैं. यह कार्रवाई मोहाली-ज़ीरकपुर इलाके में रियल एस्टेट डेवलपर्स पर प्रोजेक्ट में देरी, फाइनेंशियल गड़बड़ियों और डेवलपमेंट अथॉरिटीज को पेमेंट में डिफॉल्ट करने को लेकर बढ़ती जांच के बीच हुई है.