बिहार के दरभंगा जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव में शुक्रवार तड़के आपसी विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. घटना में पटना में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) मोहम्मद मोबिन को पेट में गोली मार दी गई. गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में पहले स्थानीय स्तर पर इलाज के लिए ले जाया गया, जिसके बाद बेहतर उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.
पुलिस के मुताबिक, उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है. गोली चलने की घटना के बाद कथित हमलावर सुनील साहनी गांव वालों के हत्थे चढ़ गया. आरोप है कि गुस्साई भीड़ ने उस पर लाठी-डंडों और फरसे से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.
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घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे. दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली. बाद में मृतक सुनील साहनी के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया.
मोहर्रम की छुट्टी पर घर आए थे ASI
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद मोबिन पटना में ASI के पद पर तैनात हैं. वह मोहर्रम की छुट्टी पर अपने गांव ओझौल आए हुए थे. शुक्रवार सुबह करीब चार बजे किसी बात को लेकर उनका सुनील साहनी से विवाद हो गया.
इसी दौरान सुनील साहनी ने कथित तौर पर मोहम्मद मोबिन पर गोली चला दी, जो उनके पेट में लगी. गोली लगते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया.
घटना के बाद मौजूद लोगों ने कथित हमलावर को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी. पुलिस के पहुंचने तक उसकी मौत हो चुकी थी.
पुलिस ने क्या कहा?
दरभंगा पुलिस ने बताया कि मृतक सुनील साहनी का आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.
सदर एसडीपीओ राजीव कुमार ने बताया कि सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि दो लोगों के बीच आपसी विवाद में हिंसक मारपीट हुई है. एक व्यक्ति के सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं, दूसरे व्यक्ति को गोली लगी है और उसका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है.
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला आपसी विवाद का प्रतीत हो रहा है. मृतक के पिता की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया चल रही है. लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी.
गांव में पुलिस बल तैनात, माहौल शांत
घटना की गंभीरता को देखते हुए ओझौल गांव में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है. मुहर्रम के मद्देनजर पहले से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी, जिसे और मजबूत कर दिया गया है. सदर एसडीपीओ राजीव कुमार स्वयं पुलिस बल के साथ गांव में कैंप कर रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि फिलहाल गांव का माहौल पूरी तरह शांत है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इलाके में गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.
मृतक के पिता ने लगाए आरोप
मृतक सुनील साहनी के पिता दिलीप साहनी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की गांव में कई लोगों से पुरानी दुश्मनी थी. उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनकी जाति के हैं, जबकि कुछ गांव के मुस्लिम समुदाय से हैं, जिन्होंने मिलकर उनके बेटे की हत्या की.
उन्होंने यह भी बताया कि गांव के युवाओं के बीच पहले भी कई बार आपसी विवाद और मारपीट होती रही थी. उनके अनुसार, पहले भी उनके बेटे को धमकियां मिली थीं और उसके साथ मारपीट की घटनाएं हुई थीं. पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है. गोलीबारी की वजह, भीड़ की हिंसा और पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.