scorecardresearch
 

तमिलनाडु के 8 दल और नंबरगेम में उलझे थलपति... कौन किसका गेम बनाएगा-बिगाड़ेगा

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में थलपति विजय की पार्टी टीवीके ने 108 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन आवश्यक है.

Advertisement
X
 तमिलनाडु चुनाव में टीवीके को 108 सीटें मिली तो डीएमके को 59 और AIADMK ने 47 सीटें जीती हैं. (File photo)
तमिलनाडु चुनाव में टीवीके को 108 सीटें मिली तो डीएमके को 59 और AIADMK ने 47 सीटें जीती हैं. (File photo)

तमिलनाडु की राजनीति हमेशा से 'करिश्माई व्यक्तित्वों' और 'द्रविड़ अस्मिता' के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन 2026 के विधानसभा चुनाव नतीजे ने राज्य को एक ऐसे मोड़ पर खड़ा कर दिया है, जहां सियासी गणित ने अभिनेता से नेता बने विजय को उलझा दिया है. विधानसभा चुनाव में भले ही विजय की पार्टी नंबर वन बन गई हो, लेकिन बहुमत का नंबर जुटाने के लिए जूझ रहे हैं. 

विजय को सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होने के लिए बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए. टीवीके के पास 108 विधायक हैं और कांग्रेस के पांच विधायकों के समर्थन के बाद 113 का ही आंकड़ा पहुंच रहे हैं. इसके बाद भी 5 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. डीएमके व AIADMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाले दलों को बिना साथ लिए सरकार बनाना संभव नहीं है? 

तमिलनाडु की सियासत में करीब छह दशक के बाद दो ध्रुवीय के बजाय त्रिकोणीय मुकाबला रहा. इस बार तमिलनाडु की राजनीतिक बिसात पर केवल विजय नहीं हैं, बल्कि छोटे दल बड़े धमाल करने की स्थिति में है. राज्य में 8 छोटे दल और बहुमत का जटिल नंबरगेम है, जो थलपति के राजनीतिक भविष्य को बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है? 

Advertisement

सरकार बनाने के नंबर गेम में उलझे विजय
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय ने अपनी पार्टी TVK के जरिए सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर हमला बोला है. इस तरह उनका लक्ष्य युवाओं का वह वोट बैंक रहा, जो DMK और AIADMK के दशकों पुराने चक्रव्यूह से ऊब चुका था. थलपति के लिए चुनौती यह है कि क्या उनका 'सिनेमाई करिश्मा' बूथ स्तर के 'वोट मैनेजमेंट' में बदल पाएगा? 

विधानसभा चुनाव में बिना किसी गठबंधन के राज्य की सभी 234 सीटों पर चुनाव लड़ना और 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया. पहली ही सियासी पारी में भले ही विजय शतक लगाने में कामयाब रहे, लेकिन बहुमत के जादुई आंकड़े से पीछे रह गए. विजय को सरकार बनाने के लिए 
कांग्रेस ने अपने 5 विधायकों का समर्थन भी दे दिया. उसके बाद भी बहुमत का 118 का आंकड़ा नहीं पहुंच पा रहा.

तमिलनाडु के राज्यपाल आरवी अर्लेकर तमिलनाडु में विजय को सरकार का न्योता देने से इनकार कर दिया. राज्यपाल का कहना है कि विजय पहले 118 विधायकों का समर्थन पत्र दिखाएं. ऐसे में विजय के सामने बहुमत का नंबर गेम जुटाना काफी मुश्किल लग रहा है, क्योंकि राज्य में जो भी छोटे दल हैं, वो डीएमके और AIADMK गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं. 

Advertisement

तमिलनाड में 8 दलों के पास सरकार बनाने की चाबी
थलापति विजय को सरकार बनाने और बहुमत का आंकड़े जुटाने के लिए वामपंथी दलों और वीसीके की सहमति जरूरी है. विजय ने पहले कई छोटी पार्टियों से संपर्क साधा है, लेकिन वे फिलहाल वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं. तमिलनाडु चुनाव में टीवीके को 108 सीटें मिली तो डीएमके को 59 और AIADMK ने 47 सीटें जीती हैं.

तमिलनाडु में इन तीनों प्रमुख दलों के अलावा कांग्रेस 5 सीटें जीती है, जिसने पहले ही विजय को अपना समर्थन दे दिया है. पीएमके के 2, ऑल इंडिया मुस्लिम लीग के 2, सीपीआई के 2, सीपीएम  के 2, वीसीके के 2, बीजेपी के एक, डीएमडीके के एक और एक विधायक AMMKMNKZ के हैं.

विजय अगर वामपंथी दलों के चार विधायकों के साथ वीसीके का समर्थन हासिल कर लेते हैं तो आसानी से सरकार बना लेंगे. हालांकि, कांग्रेस के सिवा कोई भी दल अपनी तक अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं. मुस्लिम लीग ने साफ कर दिया है कि डीएमके साथ खड़ी है. वीसीके भी लेफ्ट के साथ सुर में सुर मिलाती नजर आ रही है. 

छोटे दलों किसका गेम बनाएगा-बिगाड़ेंगे?
तमिलनाडु की सियासत इस जगह पर खड़ी है कि बिना किसी छोटे दल के किसी की भी सरकार नहीं बनने वाली. पीएमके ने बीजेपी से साथ में चुनाव लड़ा था, जिसके चलते उसके साथ खड़ी है. कांग्रेस के बाद अगर लेफ्ट और वीसीके विजय को समर्थन दे देते हैं तो आसानी से राज्य में सरकार बन जाएगी. 

Advertisement

कांग्रेस के समर्थन के बाद विजय को सिर्फ 5 विधायकों के अतरिक्त समर्थन की जरूरत है. विजय जरूर वामपंथी दलों का समर्थन चाहते हैं, पर वो भी डीएमके साथ छोड़ने के लिए तैयार नहीं है. मुस्लिम लीग भी डीएमके साथ खड़ी है. इसी तरह डीएमडीके भी स्टालिन के साथ मजबूती से खड़ी हुई है. केरल के चुनाव नतीजे के बाद लेफ्ट अब कांग्रेस के साथ जाने के लिए तैयार नहीं है. इसीलिए विजय का सियासी गेम उलझा हुआ है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement