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ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करना अब पड़ेगा भारी, 15 दिनों में आ जाएगा चालान

ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules) का उल्लंघन करने वालों के लिए आने वाले दिन अच्छे नहीं रहने वाले हैं. दरअसल, सरकार ने ट्रैफिक नियमों को और सख्त बना दिया है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सख्त हो गए हैं ट्रैफिक नियम
  • उल्लंघन करने पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से होगा रिकॉर्ड
  • 15 दिनों के अंदर घर पहुंच जाएगा ई-चालान

ट्रैफिक नियमों (Traffic Rules) का उल्लंघन करने वालों के लिए आने वाले दिन अच्छे नहीं रहने वाले हैं. दरअसल, सरकार ने ट्रैफिक नियमों को और सख्त बना दिया है. अब जो भी शख्स ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हुए इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिकॉर्ड किया जाएगा, उसका सिर्फ 15 दिनों के भीतर ही चालान जारी कर दिया जाएगा. 

राज्यों में यातायात प्रवर्तन एजेंसियां सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में हुए संशोधन को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को ई-चालान भेजेंगी. इसके अलावा, राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों को संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के तहत सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित नए मानदंडों के अनुसार, यातायात नियमों के उल्लंघन की रिकॉर्डिंग के लिए सीसीटीवी कैमरे, स्पीड डिटेक्शन कैमरा आदि को लगाना होगा और लोगों को जानकारी देनी होगी.

मंत्रालय ने कहा, "अपराध की जानकारी घटना के पंद्रह दिनों के भीतर भेजी जाएगी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए से इकट्ठे किए गए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को चालान के निपटारे तक रखा जाएगा.'' इसके लिए राज्य सरकारों को निर्देश दिया गया है कि प्रमुख शहरों में जहां जनसंख्या 10 लाख से अधिक है, वहां पर सभी राज्य हाईवे, नेशनल हाईवे और अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर उचित चेतावनी देते संकेत स्पष्ट रूप से लगाए जाएं.

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मंत्रालय ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का उद्देश्य देश भर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघनों की संख्या को कम करना और ट्रैफिक नियमों को लागू करने में ट्रांसपेरेंसी लाना है. नोटिफिकेशन में लगभग 132 शहरों का जिक्र किया गया है. 19 शहरों के साथ महाराष्ट्र सबसे ऊपर है, इसके बाद उत्तर प्रदेश में 17 और आंध्र प्रदेश में 13 शहर हैं.

सरकार ने बताया है कि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस में स्पीड कैमरा, क्लोज-सर्किट टेलीविजन कैमरा, स्पीड गन, बॉडी वियरेबल कैमरा, डैशबोर्ड कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR), वेट-इन मशीन (WIM) आदि शामिल हैं. बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत कई शहरों में ई-चालान सिस्टम पहले से ही लागू है, जहां ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाली गाड़ियों के मालिक को नोटिस भेजा जाता है.

 

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