तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार (1 नवंबर) को तमिलनाडु दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने तमिल भाषा की रक्षा और राज्य की पहचान के लिए संघर्ष करने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की. मुख्यमंत्री ने लोगों से तमिल भाषा, कला, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने का संकल्प लेने की अपील की.
मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में कहा कि भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद तमिलनाडु के गठन का यह दिन बेहद ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है. उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और राज्य के अनूठे इतिहास तथा गौरवशाली पहचान को याद किया.
तमिल भाषा के लिए संघर्ष करने वाले शहीदों को नमन
सीएम विजय ने कहा कि मातृभाषा तमिल की रक्षा करने और तमिल भाषी क्षेत्रों को तमिलनाडु के साथ एकीकृत करने के लिए संघर्ष करने वाले शहीदों का इतिहास हमेशा प्रेरणा देता रहेगा. उनका संघर्ष तमिल लोगों के अधिकारों और एकता की भावना के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
कला, संस्कृति और परंपराओं को बचाने का आह्वान
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी लोगों को अपनी मातृभाषा तमिल का गौरव बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए. साथ ही तमिल लोगों की कला, संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण करना चाहिए. उन्होंने लोगों से राज्य की महानता और गौरव को बनाए रखने तथा तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अपील की.
बता दें कि 1 नवंबर 1956 को भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के दौरान मद्रास राज्य का गठन हुआ था. इसके बाद 18 जुलाई 1967 को विधानसभा में राज्य का नाम तमिलनाडु रखने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया गया था. मुख्यमंत्री विजय की सरकार ने दोनों तिथियों को तमिलनाडु दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी.