कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो में एक गेस्ट की ओर से '370 रुपये की बिरयानी' वाली विवादित टिप्पणी करने के बाद उन पर कई FIR दर्ज हुईं. इसके बाद सोमवार को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने खिलाफ दर्ज सभी FIR को एक साथ जोड़ने की अपील की. उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और महाराष्ट्र व हरियाणा सरकारों को नोटिस जारी किया.
चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची व वी. मोहना की बेंच ने यह आदेश तब दिया जब मोरे के वकील ने कोर्ट को बताया कि कॉमेडियन ने नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) समेत सभी मंचों पर माफी मांग ली है.
इससे पहले, गुरुग्राम की एक फर्म ने अपने कर्मचारी, वेब डेवलपर हिमांशु जांगरा को नौकरी से निकाल दिया था. जांगरा, मोरे के शो के दौरान "370 रुपये की बिरयानी" वाली विवादित टिप्पणी करने के बाद चर्चा में आए थे और इस घटना पर सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखा गया था.
अपनी टिप्पणी के कारण जांगरा को आलोचना का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उनकी कंपनी 'स्टारविक डिज़ाइन' ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया. फर्म के फाउंडर विवेक विश्वकर्मा ने X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में उन्हें नौकरी से निकाले जाने की पुष्टि की थी.
विवाद तब शुरू हुआ जब जांगरा ने शो के दौरान एक 'डेट' का ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने चिकन बिरयानी की एक प्लेट पर 370 रुपये खर्च किए थे. जांगरा ने कहा कि जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो उन्होंने बिरयानी पर खर्च किए गए पैसे के बदले सेक्सुअल फेवर की मांग की. मोरे को जांगरा की टिप्पणी पर हंसते हुए देखा गया था