सुप्रीम कोर्ट ने केरल वक्फ बोर्ड को अंतरिम राहत देते हुए केरल हाईकोर्ट के एक आदेश में बदलाव किया है. कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश के पैरा-6 को हटाने के लिए कहा है. इसमें कहा गया था कि राज्य वक्फ बोर्ड का कामकाज जॉइंट सेक्रेटरी की निगरानी में होगा. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जॉइंट सेक्रेटरी बोर्ड के सदस्य के रूप में पहले की तरह अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे. हालांकि, हाईकोर्ट की अनुमति के बिना किसी बड़े रकम को खर्च करने से जुड़े निर्देश समेत अन्य मामलों पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह मामला मंगलवार को फिर हाईकोर्ट के सामने आएगा और हाईकोर्ट इस पर जल्द फैसला करे.
दरअसल, केरल वक्फ बोर्ड ने केरल हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें बोर्ड को कोई भी बड़ा नीतिगत या फाइनेंशियल फैसला लेने से रोक दिया गया था. केरल हाईकोर्ट ने 15 जुलाई को यह आदेश वक्फ बोर्ड के गठन की लीगैलिटी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया था. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि बोर्ड का गठन वक्फ कानून के तहत जरूरी गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति के बिना किया गया है, इसलिए यह कानून के हिसाब से सही नहीं है
बोर्ड ने क्या कहा था
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में केरल वक्फ बोर्ड ने कहा कि हाईकोर्ट के इस आदेश से बोर्ड का कामकाज लगभग ठप हो गया है. इससे राज्य की 89,000 से अधिक वक्फ संपत्तियों के प्रशासन और प्रबंधन पर भी असर पड़ रहा है.