भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने जोर पकड़ लिया है और तेजी से आगे बढ़ रहा है. अब यह महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में पहुंच गया है. साथ ही अरब सागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों में भी मॉनसून ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है.
मॉनसून की रफ्तार मध्य और दक्षिण भारत के किसानों और शहरवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है. चार महीने लंबे बारिश के मौसम की शुरुआत ठीक समय पर हो रही है, जिससे खेती-किसानी को नई जान मिलने की उम्मीद है.
अब तक कहां-कहां पहुंचा मॉनसून?
IMD की ओर से जारी मैप के अनुसार, 8 जून 2026 को मॉनसून की उत्तरी सीमा (Northern Limit of Monsoon) काफी आगे बढ़ चुकी है. अरब सागर में यह 18°N अक्षांश पर 60°E, 65°E और 70°E तक पहुंच गई है. इसके बाद यह हरनई, सोलापुर, कलबुरगी (गुलबर्गा), नंदयाल और चेन्नई होते हुए आगे बढ़ रही है.
बंगाल की खाड़ी की तरफ से भी मॉनसून 15.5°N/85°E और 22°N/90°E तक फैल चुका है. पूर्वोत्तर राज्यों में यह कैलाशहर, नॉर्थ लखीमपुर तक पहुंच गया है और 29°N/95°E तक फैला हुआ है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मॉनसून अपनी सामान्य गति के बराबर या कुछ जगहों पर उससे भी आगे चल रहा है.
कर्नाटक में भारी बारिश, अगले 3 दिन में इन राज्यों को कवर करेगा मॉनसून
अगले 2-3 दिन में और तेज होगी मॉनसून की रफ्तार
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा और समुद्र की स्थितियां बहुत अनुकूल बनी हुई हैं. अगले दो-तीन दिनों में मॉनसून महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बाकी बचे इलाकों को भी पूरी तरह कवर कर लेगा. इसके साथ ही तमिलनाडु और बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों में भी मॉनसून भी मॉनसून पहुंच जाएगा. उत्तर की ओर बढ़ते हुए यह पश्चिम-मध्य और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के इलाकों में भी दस्तक देगा.
पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में जल्द दस्तक देगा मॉनसून
बंगाल की खाड़ी से उत्तर की ओर बढ़ रहे मॉनसून के कारण अगले 48 से 72 घंटों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बड़े बदलाव आने वाले हैं. छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में मॉनसून जल्द ही मजबूती से एक्टिव हो जाएगा.
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पूर्वोत्तर राज्यों के बाकी इलाकों में पहले से ही अच्छी बारिश हो रही है. अब पूरे क्षेत्र को मॉनसून जोन में शामिल कर लिया जाएगा. इन राज्यों में बारिश की तीव्रता बढ़ेगी और गर्मी से राहत मिलेगी. बता दें कि इस समय की बारिश फसलों के लिए बहुत जरूरी है. IMD ने आगे भी अच्छी बारिश की संभावना जताई है. उत्तर भारत के लोग भी अब मॉनसून की ठंडी फुहारों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.