प्रदर्शनकारी पहलवानों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि नए संसद भवन में स्थापित सेंगोल पहले दिन ही झुक गया. दिल्ली में कानून व्यवस्था के उल्लंघन के लिए पहलवान विनेश फोगट, साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया था. पुलिस ने पहलवानों को उस वक्त हिरासत में लिया जब वह जंतर-मंतर से नए संसद भवन की ओर मार्च कर रहे थे.
स्टालिन ने ट्वीट किया कि महिला पहलवानों ने भाजपा सांसद के खिलाफ महीनों पहले आरोप लगाए थे, लेकिन बीजेपी के नेतृत्व ने बृजभूषण सिंह के खिलाफ कार्रवाई नहीं की है. उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा पहलवानों को घसीटकर हिरासत में लेना निंदनीय है. इससे पता चलता है कि पहले ही दिन सेंगोल झुक गया है. क्या यह उचित है कि इस तरह का अत्याचार (नए संसद भवन) के उद्घाटन के दिन भी होना चाहिए?
स्टालिन के इस बयान से पहले राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर हमला बोला था. उन्होंने ट्वीट किया, 'राज्याभिषेक पूरा हुआ - 'अहंकारी राजा' सड़कों पर कुचल रहा जनता की आवाज़!'
राज्याभिषेक पूरा हुआ - 'अहंकारी राजा' सड़कों पर कुचल रहा जनता की आवाज़!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi)
प्रियंका गांधी ने पहलवानों के समर्थन में ट्वीट करते हुए कहा कि खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं. उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है. भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है. ये एकदम गलत है, पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है.
खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं। उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi)
भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है।
ये एकदम गलत है। पूरा देश सरकार के…
ममता ने कहा- मैं पहलवानों के साथ खड़ी हूं
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने साक्षी मलिक, विनेश फोगट और अन्य पहलवानों के साथ मारपीट की, उसकी कड़ी निंदा करती हूं. यह शर्मनाक है कि हमारे चैंपियंस के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है. लोकतंत्र सहिष्णुता में निहित है, लेकिन निरंकुश ताकतें असहिष्णुता और असंतोष को दबाने पर पनपती हैं. मैं मांग करता हूं कि उन्हें पुलिस द्वारा तुरंत रिहा किया जाए. मैं हमारे पहलवानों के साथ खड़ी हूं.
Strongly condemn the way Delhi Police manhandled Sakshi Malik, Vinesh Phogat and other wrestlers. It’s shameful our champions are treated in this manner. Democracy lies in tolerance but autocratic forces thrive on intolerance and quelling of dissent. I demand they be immediately…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial)
अखिलेश ने पहलवानों के खिलाफ एक्शन को बताया मर्डर ऑफ डेमोक्रेसी
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि आज की घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा के महिला सम्मान एवं सुरक्षा के सभी नारे खोखले हैं तथा वो केवल महिलाओं के वोट हड़पने के लिए थे. #MurderOfDemocracy
सच्चे खिलाड़ियों का अपमान भाजपा की नकारात्मक राजनीति का खेल है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh)
देश नारी का ये अपमान नहीं भूलेगा।
तेजस्वी ने भी साधा केंद्र पर निशाना
वहीं बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने कहा कि विदेशों में देश का तिरंगा लहराने वाले पहलवानों और उसी तिरंगे के साथ सरकार की बदसलूकी देखिए. ये लोकतंत्र के साथ-साथ लोकलाज भी समाप्त कर रहे है. घोर निंदनीय.