scorecardresearch
 

ईरान जंग में ट्रंप के बड़े सपोर्टर लिंडसे ग्राहम का 71 साल की उम्र में निधन

अमेरिका के वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी राजनीतिक सहयोगियों में शामिल लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. ग्राहम हाल के वर्षों में ईरान के खिलाफ सख्त सैन्य कार्रवाई के सबसे मुखर समर्थकों में गिने जाते थे. ईरान जंग में वह ट्रंप के बड़े समर्थक थे और ईरान में सत्ता परिवर्तन की वकालत कर रहे थे.

Advertisement
X
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके बड़े सपोर्टर रहे लिंडसे ग्राहम. (Photo: Reuters)
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके बड़े सपोर्टर रहे लिंडसे ग्राहम. (Photo: Reuters)

अमेरिका की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है. रिपब्लिकन पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी लिंडसे ग्राहम का शनिवार शाम 71 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया. हालांकि, बीमारी की वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. परिवार ने लोगों से इस मुश्किल समय में उनकी निजता का सम्मान करने और प्रार्थना करने की अपील की है.

दक्षिण कैरोलिना से रिपब्लिकन सीनेटर रहे लिंडसे ग्राहम अमेरिका के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते थे. वह पहली बार साल 2002 में अमेरिकी सीनेट पहुंचे थे. इससे पहले वह प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के सदस्य भी रह चुके थे. अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने रक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर अहम भूमिका निभाई.

लिंडसे ग्राहम की पहचान एक मजबूत रक्षा नीति के समर्थक नेता के तौर पर थी. वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना के इस्तेमाल के पक्ष में रहते थे. हाल के वर्षों में ईरान को लेकर उनका रुख सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. वह लगातार ट्रंप प्रशासन से ईरान पर कड़े प्रतिबंध लगाने, उस पर दबाव बढ़ाने और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई करने की मांग करते रहे. इसी वजह से उन्हें ईरान के खिलाफ ट्रंप की नीति का सबसे बड़ा समर्थक माना जाता था.

Advertisement

दिलचस्प बात यह है कि साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान लिंडसे ग्राहम, डोनाल्ड ट्रंप के आलोचक थे. लेकिन बाद में दोनों के रिश्ते काफी मजबूत हो गए और ग्राहम ट्रंप के सबसे करीबी नेताओं में शामिल हो गए. अमेरिकी कांग्रेस में उन्होंने कई अहम विधेयकों और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर ट्रंप का खुलकर साथ दिया.

हाल ही में लिंडसे ग्राहम यूक्रेन भी गए थे. वहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की और रूस-यूक्रेन युद्ध के साथ-साथ सुरक्षा सहयोग पर चर्चा की थी. उनके निधन को रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी राजनीति के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement