मध्य पूर्व में जारी तनाव और उसके भारत पर संभावित असर को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक अंतर मंत्रालयी समूह (IMG) का गठन किया है, जो हालात पर लगातार नजर रखेगा और जरूरी फैसलों के लिए सरकार को सुझाव देगाय
इस उच्च स्तरीय समूह में गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी समेत कई अहम मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल हैं. यह समूह खास तौर पर मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष से जुड़े आर्थिक, सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों की निगरानी करेगा.
दरअसल, मध्य पूर्व में जारी युद्ध और खासतौर पर तेल आपूर्ति के प्रमुख मार्गों पर बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इस स्थिति से सीधे प्रभावित हो सकता है.
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इसी को देखते हुए सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए यह ग्रुप बनाया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत और समन्वित कार्रवाई की जा सके. सरकार का उद्देश्य यह है कि किसी भी तरह की आपूर्ति बाधा या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का असर आम लोगों और उद्योगों पर कम से कम पड़े.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबा चलता है, तो तेल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे महंगाई पर दबाव बढ़ेगा. ऐसे में यह ग्रुप सरकार को समय-समय पर रणनीतिक फैसले लेने में मदद करेगा.