देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है. उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर में चल रहे मुद्दों से जुड़े आंदोलनों को एक साथ लाने की कोशिश की जाएगी. राहुल गांधी ने कहा कि बतौर नेता प्रतिपक्ष यह उनकी जिम्मेदारी है कि जहां भी सच को दबाया जा रहा है, वहां लोगों की मदद की जाए.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि कहीं छात्र पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं, कहीं किसान अपनी जमीन के लिए लड़ रहे हैं. वहीं, कहीं आशा कार्यकर्ता महीनों से मानदेय की मांग कर रही हैं और कहीं आदिवासी अपने जंगल बचाने के लिए खड़े हैं. उन्होंने कहा कि हर आंदोलन अपनी अलग लड़ाई लड़ रहा है, इसलिए हर आंदोलन को लगता है कि वह अकेला है.
उन्होंने कहा कि ‘सत्याग्रह’ के जरिए लोग जहां भी अपना आंदोलन चला रहे हैं, उसकी बात सीधे उन तक पहुंचा सकते हैं. इसके लिए दिल्ली आने की जरूरत नहीं होगी और इसमें सिर्फ दो मिनट लगेंगे. राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन नक्शे पर दिखाई देगा और लोग यह भी देख पाएंगे कि देश में और कौन लोग उसी तरह की लड़ाई लड़ रहे हैं.
हर संघर्ष की अलग
राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में लोग अपने अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं और अक्सर अकेले लड़ रहे हैं. उन्होंने Gen Z, छात्रों, किसानों, आदिवासियों, दलितों और महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हर संघर्ष की अपनी कहानी है, लेकिन अकेली आवाज को दबाना आसान होता है. उन्होंने कहा कि ‘सत्याग्रह’ का मकसद इन सभी आवाजों को एक नक्शे पर एक साथ लाना है. राहुल गांधी ने कहा कि यह पहल जमीन, महिलाओं के अधिकार, दलितों के अधिकार, OBC के अधिकार, शिक्षा और परीक्षाओं जैसे मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों को जोड़ने के लिए है.
महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बापू ने सिखाया था कि सच सबसे बड़ा हथियार है. उन्होंने कहा कि सच के साथ मिलकर खड़ा होना उससे भी बड़ा हथियार है. राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि अगर वे भी किसी अन्याय के खिलाफ लड़ रहे हैं तो अपनी कहानी साझा करें. उन्होंने कहा कि इसे साझा करने में सिर्फ दो मिनट लगेंगे.